एडवोकेट जयराज चौधरी हुए एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानि
जबलपुर – सेंट अलॉयसियस महाविद्यालय एलुमिनी एसोसिएशन जबलपुर द्वारा महाविद्यालय परिसर में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में खेल, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभाशाली पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के गौरवशाली इतिहास, उपलब्धियों एवं पूर्व छात्रों की सफलताओं को स्मरण करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया गया। समारोह में बड़ी संख्या में प्राध्यापकगण, पूर्व छात्र, खेल प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर महाविद्यालय के पूर्व छात्र, मानव क्रीड़ा एवं कला एकेडमी के अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी एवं एडवोकेट जयराज चौधरी को “एक्सीलेंस अवार्ड” से सम्मानित किया गया। उन्हें स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर खेल क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व तथा युवाओं के मार्गदर्शन हेतु किए जा रहे प्रयासों के लिए विशेष रूप से सराहा गया। यह सम्मान उनके वर्षों के कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक रहा।
जयराज चौधरी ने अपने खेल जीवन में अनेक उपलब्धियां अर्जित करते हुए देश का नाम गौरवान्वित किया है। वे न केवल एक सफल खिलाड़ी हैं, बल्कि एक प्रेरणादायक प्रशिक्षक एवं मार्गदर्शक के रूप में भी युवाओं को निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते रहे हैं। उनके नेतृत्व में कई खिलाड़ियों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पदक अर्जित किए हैं, जिससे जबलपुर शहर और संस्था का गौरव बढ़ा है।
सम्मान प्राप्ति के अवसर पर अपने उद्बोधन में जयराज चौधरी ने कहा कि यह पुरस्कार केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके गुरुजनों, सहयोगियों और परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विशेष रूप से सीनियर स्पोर्ट्स ऑफिसर हरीश दुबे, रोहिला पिल्ले एवं एकेडमी के संस्थापक तथा अंतरराष्ट्रीय मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षक राजकुमार यादव के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन सभी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के बिना यह सफलता संभव नहीं थी।
उन्होंने खिलाड़ियों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता कभी संयोग से प्राप्त नहीं होती, बल्कि निरंतर अभ्यास, कठोर परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास से अर्जित की जाती है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि वे अपने लक्ष्य स्पष्ट रखें, समय का सदुपयोग करें और असफलताओं को सीख के रूप में स्वीकार कर आगे बढ़ते रहें।
उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता और आत्मबल को विकसित करने का सशक्त साधन है। खेल हमें संघर्ष करना, हार से सीखना और जीत का विनम्रता से स्वागत करना सिखाता है।
अंत में जयराज चौधरी ने संकल्प व्यक्त किया कि वे भविष्य में भी खेल एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को छूने हेतु निरंतर प्रयासरत रहेंगे तथा अधिक से अधिक युवाओं को खेलों से जोड़कर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने का कार्य करते रहेंगे। समारोह का समापन उत्साह, प्रेरणा और गर्व की भावना के साथ हुआ।



