*एफडीडीआई हरिपुर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विद्यार्थियों से किया संवाद, उद्योग के भविष्य को लेकर जताया विश्वास
अतुल मल्होत्रा रिपोर्ट
*ग्रामीण प्रतिभा को विश्व पटल पर स्थापित करने का सपना: केंद्रीय मंत्री*
*एफडीडीआई गुना को सशक्त बनाने के लिए दिए स्पष्ट निर्देश; संस्थान प्रशासन को सिंधिया ने समझाया संस्थान की इमेज बिल्डिंग का महत्व*
गुना। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज गुना के समीप हरिपुर स्थित फुटवियर डिजाइन एवं डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट (एफडीडीआई) परिसर में विद्यार्थियों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस संस्थान के माध्यम से वे उद्योग के भविष्य को अपने सामने साकार होते देख रहे हैं। यह पहल केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने का माध्यम है। साथ ही उन्होंने इस संस्थान को मजबूत करने के लिए प्रबंधक को कड़े निर्देश दिए।
*10–15 वर्ष पहले देखा था यह सपना*
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब वे वर्ष 2007 में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे, तब उन्होंने यह सपना देखा था कि एफडीडीआई जैसे संस्थान केवल बड़े महानगरों तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें मध्यम शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के समीप स्थापित किया जाए। उसी सोच के आधार पर लगभग ₹110 करोड़ की लागत से एफडीडीआई की यह संस्था गुना शहर के पास हरिपुर गांव में स्थापित की गई, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को भी विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और अवसर प्राप्त हो सकें।
*480 छात्रों की क्षमता वाले संस्थान को मजबूत करने के लिए कड़े निर्देश*
सिंधिया ने कहा कि कि इस संस्थान की क्षमता 480 छात्रों की है जिसका उपयोग अभी नहीं हो पा रहा है और इसे बढ़ाने की आवश्यकता है। केंद्रीय मंत्री ने एफडीडीआई के प्रबंध निदेशक विवेक शर्मा से संस्थान को सशक्त बनाने के लिए दो स्पष्ट और विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्थान के प्रबंध निदेशक को हर दो महीने में गुना का नियमित दौरा करना चाहिए, ताकि संस्थान की प्रगति और विकास की निरंतर निगरानी हो सके। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि एफडीडीआई गुना के लिए एक स्थानीय निदेशक की नियुक्ति की जाए, जो संस्थान के संचालन को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सके।
*छात्रों से किया प्रचार-प्रसार का आह्वान*
सिंधिया ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इस संस्थान का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि आसपास के क्षेत्रों अशोकनगर, चंदेरी, मुंगावली, बीना सहित राजस्थान के सीमावर्ती जिलों से भी अधिक से अधिक छात्र यहां अध्ययन के लिए आएं। उन्होंने कहा कि यहां प्राप्त होने वाला प्रशिक्षण न केवल विद्यार्थियों का भविष्य बनाएगा, बल्कि पूरे गुना क्षेत्र के विकास में भी योगदान देगा। साथ ही सिंधिया ने ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण और अनुभव प्राप्त करने के बाद वे आगे चलकर स्वयं के उद्यम भी स्थापित करें एवं रोजगार सृजनकर्ता बनें।



