हिंदू वेदिक सनातन संस्कृति की समृद्ध परंपरा के पुनर्जागरण हेतु संतों ने किया आवाहन।
हिंदू नव वर्ष गुड़ी परवा की पूर्व संध्या पर संतों एवं वैदिक आचार्यों का हुआ सम्मान।
हिंदू नव वर्ष गुड़ी पड़वा की पूर्व संध्या पर हिंदू वेदिक सनातन संस्कृति की समृद्ध परंपरा का निर्वाह हेतु जवाहर नगर स्थित अशोका सदन में संत शिरोमणियों एवं वैदिक आचार्य की उपस्थिति में नव संवतसर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य रूप से धोली बुआ महाराज, संत कृपाल सिंह जी महाराज, मनीष अन्ना महाराज, उपेंद्र शिरगांवकर आभा महाराज, बीके प्रहलाद भाई , पंडित दुर्गेश दिक्षित , पंडित हरीश भार्गव , पंडित हिंगे ,के मुख्य उपस्थिति में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के संयोजक श्री राम सेवा समर्पण समिति के अध्यक्ष आशीष प्रताप सिंह राठौड़ थे। कार्यक्रम में सर्वप्रथम भगवान राम के चित्र पर माल्यार्पण कर वैदिक मित्रों के साथ आचार्य ने पूजा अर्चना की एवं शंख ध्वनि से पूजा अर्चना आरंभ की। तत्पश्चात समस्त धर्म गुरुओं एवं आचार्य का श्रीफल एवं भगवान राम की तस्वीर देकर सम्मान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री राम सेवा समर्पण समिति के अध्यक्ष आशीष प्रताप सिंह राठौड़ ने कहा कि , चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होने वाला विक्रम संवत 2083 मात्र पंचांग का परिवर्तन नहीं, अपितु हमारी सृष्टि, प्रकृति और संस्कृति के अंतर्संबंधों का महापर्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यही वह पावन तिथि है जब पितामह ब्रह्मा ने सृष्टि की संरचना का श्रीगणेश किया था। आज जब वसंत के आगमन से प्रकृति नूतन श्रृंगार कर रही है, तब यह नव संवत्सर राम-राज्य के आदर्शों और हमारी सुशुप्त आध्यात्मिक ऊर्जा के पुनर्जागरण का उद्घोष है। वर्तमान कालखंड वस्तुतः आध्यात्मिक पुनर्जागरण का अमृतकाल है, जहाँ केवल भव्य मंदिरों का ही पुनर्निर्माण नहीं हो रहा, बल्कि जन-मानस के अंतःकरण में सनातन संस्कारों की पुनर्स्थापना भी हो रही है। यह पर्व हमारे गौरवशाली अतीत और वैभवशाली भविष्य के मिलन का साक्षी है। कार्यक्रम में संत कृपाल सिंह जी ने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु आगे आना हम सब का नैतिक दायित्व है। धोली बुआ महाराज ने अपने वचन अमृत में गुड़ी पड़वा का महत्व समझाया और हमारी वैदिक संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। 0 आभा महाराज ने गुड़ी पड़वा हिंदू नव संवत्सर पर कार्यक्रम की दिव्यता पर प्रकाश डाला और कहा कि बच्चों में संस्कार तभी आएंगे जब वह हमारी संस्कृति को समझेंगे। इस अवसर पर उपस्थित मनीष अन्ना महाराज ने कहा कि भगवान राम हमारे लोग जीवन के आदर्श है उनसे प्रेरणा लेकर हमें अपने धर्म की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। बीके प्रहलाद भाई ने कहा कि हमें हिंदू नव वर्ष के अवसर पर आपसी प्रेम भाईचारा को बढ़ाना चाहिए और ईर्ष्या जातिवाद ,भ्रष्टाचार जैसी कुरीतियों को हटाकर धर्म का प्रसार प्रसार करना चाहिए।इस अवसर पर प्रमुख रूप से अभय पापरीकर,नवल शुक्ला गोविंद गुप्ता ,सुधीर शर्मा डॉक्टर सत्य प्रकाश बत्रा , रामबाबू कटारे , , डॉ अशोक तोमर, राजीव चड्ढा, रवि कुशवाह, महेंद्र खत्री, चंद्रशेखर गौड़, राजकरण सिंह भदोरिया, विनोद जैन, संजीव सिकरवार ,वरुण सक्सेना, सोनू अस्थाना, रणवीर सिंह राठौड़,सुमंत जादौन, आरएनएस भदोरिया ,राघवेंद्र सिंह तोमर, सम्मान कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र ख्याति ने किया और आभार महेश मुदगल ने व्यक्त किया।



