लावारिस जिंदगीयो को आस्थाई मोक्ष आश्रय मै भेजनें के अलावा विकल्प नहीं

लावारिस जिंदगीयो को आस्थाई मोक्ष आश्रय मै भेजनें के अलावा विकल्प नही

 

सिस्टम के पास जिम्मेदारी से बचने के लिए अस्पताल हो या सड़क पुलिस या सिस्टम मोक्ष को कागज भेजकर जिम्मेदारी पूरी ओर फिर जिन्दा लाशें जीवन से वंचित अपनों से वंचित अपने अधिकारों से वंचित इन जिंदगीयों मौत का नहीं कोइ सानी नहीं ना किसी को वास्ता इतने वर्षो से मोक्ष के नाम पर छोड़ देते है जिन्दा या मृत जीवन..को
ना कोइ मदद ना सरोकार.. ना कोइ पहचान ना कोइ हिस्सेदारी..
कई हजारों जीवन आये गए
मोक्ष मानव सेवा एवं जन उत्थान समिति जबलपुर स्वयं सेवी संस्था सेवा करना अपराध है जो मोक्ष के चंद मुट्ठी भर लोग जैसे तैसे कर रहे सेवा का अपराध जारी है. आप भी इस दर्द को जाने.. मोक्ष जबलपुर के साथ..
यह वो जीवन जिनके जीवित मृत होने पर सारे कानून..ओर ठेकेदार.जिम्मेदार सिथिल कर लेते है जिम्मेदारी..

aajtak24x7
Author: aajtak24x7

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