लोकेशन/ सोनभद्र उत्तर प्रदेश
रिपोर्ट/ कन्हैयालाल केशरी
- कागज़ों में ‘आयुष्मान’, धरातल पर बदहाली—बड़गांव स्वास्थ्य केंद्र बना लापरवाही और भ्रष्टाचार का प्रती
सोनभद्र (चोपन):
जनपद सोनभद्र के चोपन विकासखंड स्थित बड़गांव स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। जिस केंद्र से क्षेत्रीय ग्रामीणों—विशेषकर आदिवासी समुदाय—को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए थीं, आज वह बदहाल व्यवस्था और प्रशासनिक अनदेखी का उदाहरण बन गया है।
अस्पताल परिसर में साफ-सफाई का अभाव, टूटे-फूटे ढांचे, और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों के संकेत यह दर्शाते हैं कि यहां नियमित निगरानी और रखरखाव नहीं हो रहा है। प्रवेश द्वार पर लगा ‘गुड सेमेरिटन’ (नेक व्यक्ति) का बोर्ड भी वर्तमान हालात के बीच अपनी सार्थकता खोता नजर आता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, केंद्र पर तैनात चिकित्सकों की उपस्थिति भी नियमित नहीं है। आरोप है कि डॉक्टर सीमित समय के लिए आकर औपचारिकता निभाकर लौट जाते हैं, जिससे मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है।
इसके अलावा, अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और नियुक्तियों को लेकर भी ग्रामीणों में असंतोष है। उनका कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बड़गांव स्वास्थ्य केंद्र, जो कभी क्षेत्र के कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा केंद्र था, आज अपनी मूल भूमिका निभाने में असफल दिखाई दे रहा है। इसके चलते ग्रामीणों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता है।
क्षेत्रीय नागरिकों ने राज्य सरकार से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को उनके अधिकार के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।




