संजय आचार्य
खरसोद कला में शोक की लहर : जनपद प्रतिनिधि हरिशंकर पटेल का निध
खरसोद कला गांव में जनपद प्रतिनिधि हरिशंकर पटेल के निधन से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे हरिशंकर पटेल ने आज अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में लोग उनके निवास पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
हरिशंकर पटेल अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और समाजसेवा के लिए पूरे क्षेत्र में पहचाने जाते थे। गरीबों, जरूरतमंदों और युवाओं की सहायता के लिए वे हमेशा सबसे आगे रहते थे। धार्मिक आयोजनों में भी उनकी विशेष भूमिका रहती थी और गांव के हर सामाजिक कार्य में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता था।
उनकी अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। गांव के वरिष्ठजन, जनप्रतिनिधि, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर उनकी अंतिम यात्रा का स्वागत किया गया। बैंड-बाजों के साथ निकली अंतिम यात्रा में लोगों की आंखें नम दिखाई दीं। कई युवा भावुक होकर रो पड़े और “हरिशंकर पटेल अमर रहें” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
ग्रामीणों ने बताया कि हरिशंकर पटेल केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं बल्कि गांव के हर व्यक्ति के सुख-दुख के साथी थे। जब भी किसी जरूरतमंद को सहायता की आवश्यकता होती, वे तुरंत मदद के लिए पहुंच जाते थे। युवाओं को आगे बढ़ाने और समाज में एकजुटता बनाए रखने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
उनके निधन को गांव और क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। अंतिम संस्कार के दौरान पूरे वातावरण में गम और भावुकता का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
अंतिम संस्कार की मुखाग्नि उनके सुपुत्र लूपिन पटेल ने दी। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा शोक संदेश प्रेषित कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।