
*सेवा ही संस्कार: प्रगति फाउंडेशन अध्यक्ष विकास अग्रहरी की सोच बनी मिसाल, बेटी का जन्मदिन अस्पताल में मरीजों संग मनाया*
*आज तक 24x7news सोनभद्र से विनोद कुमार की रिपोर्ट*
*दुद्धी, सोनभद्र।* समाज सेवा को ही सबसे बड़ा धर्म मानने वाले प्रगति फाउंडेशन के अध्यक्ष *विकास कुमार अग्रहरी* ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संस्कारों की असली पाठशाला घर से ही शुरू होती है। उनके नेतृत्व में फाउंडेशन लगातार जनसेवा के कार्यों में अग्रणी रहा है, और इसी सेवा-परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अपनी लाडली बिटिया परी कुमारी का जन्मदिन दिखावे और महंगे आयोजनों से दूर सरकारी अस्पताल में मनाया।
नन्ही परी ने अपने पिता की प्रेरणा से अस्पताल पहुंचकर मरीजों के बीच खुशियां बांटीं। इस दौरान अस्पताल की डॉ. मुस्कान, डॉ. ऐमन और डॉ. सुनील सहित समस्त स्टाफ ने परी को माला पहनाकर आशीर्वाद दिया और विकास अग्रहरी जी की इस नेक पहल की दिल खोलकर सराहना की। चिकित्सकों ने कहा कि ऐसे संस्कार ही समाज को नई दिशा देते हैं।
विकास अग्रहरी ने अपने हाथों से मरीजों को फल, मिठाई, ब्रेड और बिस्कुट वितरित किए और उनका कुशलक्षेम जाना। उनकी इस पहल से अस्पताल में भर्ती मरीजों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई।
अपने संबोधन में अध्यक्ष विकास कुमार अग्रहरी ने कहा – “बच्चों में बचपन से ही दया, करुणा और परोपकार के बीज बोना जरूरी है। जन्मदिन पर फिजूलखर्ची के बजाय अगर हम किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान ला सकें, तो वही सबसे बड़ा उत्सव है।” उनका यह सेवाभाव ही उन्हें क्षेत्र में एक संवेदनशील और जनप्रिय समाजसेवी के रूप में स्थापित करता है।
स्थानीय लोगों ने भी विकास अग्रहरी जी के इस अनुकरणीय कार्य की जमकर प्रशंसा की और इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।



