Skip to main content

Aaj Tak24x7

संबल योजना में अनियमितता पर दो कर्मचारी निलंबित, रोजगार सहायक जनपद अटैच

संबल योजना में अनियमितता पर दो कर्मचारी निलंबित, रोजगार सहायक जनपद अटै

 

*आशुतोष चतुर्वेदी की रिपोर्ट सिंगरौली*

रिश्वत मांगने, अपात्रों को लाभ दिलाने और राशि के कथित गबन के मामलों में कार्रवाई, दलाल पर एफआईआर के निर्देश

 

सिंगरौली। मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में वित्तीय अनियमितता, रिश्वत मांगने और अपात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के मामलों में जिला पंचायत ने कार्रवाई की है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संघ प्रिय ने दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि एक ग्राम रोजगार सहायक को जनपद पंचायत बैढ़न में अटैच किया गया है। ग्राम पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, एक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

 

जिला पंचायत की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जनपद पंचायत बैढ़न में पदस्थ सहायक वर्ग-3 राजेश पाण्डेय पर दो लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि जारी करने के बदले हितग्राही से 40 हजार रुपये मांगने और पांच हजार रुपये लेने का आरोप है। इस मामले में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

 

इसी तरह, जनपद पंचायत चितरंगी के पंचायत समन्वयक अधिकारी रमई कोल को दो अपात्र प्रकरणों को जानबूझकर स्वीकृति योग्य बनाने के आरोप में निलंबित किया गया है। इनमें श्रीमती ज्ञानमती देवी की आत्महत्या और चेतमणि हलवाई की दुर्घटना से जुड़े मामले शामिल हैं।

 

ग्राम पंचायत चौरा के ग्राम रोजगार सहायक कैलाश प्रसाद शाह की भूमिका भी संदेह के दायरे में बताई गई है। राशि के लेनदेन से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग की निष्पक्ष जांच के लिए उन्हें 50 प्रतिशत मानदेय की शर्त पर जनपद पंचायत बैढ़न में अटैच किया गया है। इसी पंचायत के सचिव अनिल कुमार शाह को बिना भौतिक सत्यापन अपात्र प्रकरण की अनुशंसा करने और संदेहास्पद तथ्यों को छिपाने के आरोप में नोटिस जारी कर 27 अक्टूबर 2026 तक लिखित जवाब मांगा गया है।

 

प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, चितरंगी क्षेत्र के ग्राम खटाई निवासी गुलाब जायसवाल पर एक अपात्र हितग्राही को बहला-फुसलाकर और कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के जरिए दो लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कराने तथा उसमें से एक लाख रुपये की अवैध वसूली या गबन करने का आरोप है। जिला पंचायत सीईओ ने इस मामले में पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

 

सीईओ संघ प्रिय ने स्पष्ट किया है कि शासकीय योजनाओं में भ्रष्टाचार, कदाचरण और सरकारी धन के गबन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

aajtak24x7
Author: aajtak24x7