*मझोली मूर्ति विसर्जन की घटना पर 5 सदस्यीय जांच दल गठित
. *3 दिन मे देनी होगी कलेक्टर को हादसे की रिपोर्ट*
जबलपुर | तहसील मझौली स्थित नरीला तालाब के पास नवदुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। 11 के.वी. (11 KV) विद्युत ट्रांसमिशन लाइन की चपेट में आने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर के कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अरुण कुमार विश्वकर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हादसे की विस्तृत जांच के लिए 5 सदस्यीय जांच दल का गठन किया है।
*जांच दल है मे ये अधिकारी*
जांच दल में अखिलेश सिंह – अपर कलेक्टर, जबलपुर
श्रीमती ज्योति परस्ते – अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सिहोरा
श्रीमती मेहनती मरावी – अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), सिहोरा
श्रीमती जानकी उइके – तहसीलदार, मझौली
श्री भूपेंद्र चौरसिया – कार्यपालन यंत्री (एम.पी.ई.बी.), सिहोरा की नियुक्ति जिला दंडाधिकारी अरुण विश्वकर्मा ने कर दी है.
*जांच के रहेंगे प्रमुख बिंदुओं*
हादसे के वास्तविक कारणों,, विद्युत लाइन की ऊंचाई, सुरक्षा व्यवस्था और बिजली विभाग द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के पालन की जांच होगी। वहीँ विसर्जन मार्ग, कार्यक्रम की अनुमति, सुरक्षा प्रबंधों में अधिकारियों व आयोजकों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। इसके साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके इसके लिए प्लान की स्थाई रूपरेखा बनेगी.
*3 दिनों में सौंपी जाएगी रिपोर्ट*
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जांच दल संबंधित विभागों, आयोजन समिति और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी व दस्तावेज जुटाकर तीन दिनों के भीतर अपनी स्पष्ट अनुशंसाओं के साथ तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट जिला कलेक्टर को प्रस्तुत करेगा। उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।



