
मुकेश शुक्ला आज तक 24 * 7
मध्य प्रदेश खंडवा जिले के
ओंकारेश्वर मैं दुनिया के सबसे बड़े सोलर पावर प्लांट ओंकारेश्वर से देश में बिजली उत्पादन का नया अध्याय लिखा जा रहा है। लेकिन इसी प्लांट की वजह से बड़ी तादात में मछुआरे बेरोजगार हो गए हैं। मछुआरों का कहना है कि पुस्तैनी काम छोड़कर अब दिहाड़ी मजदूरी के लिए मजबूर हो चुके हैं। 25 दिसंबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खजुराहो से खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में 278 मेगावॉट फ्लोटिंग सोलर पावर का वर्चुअल उद्घाटन किया था। नर्मदा नदी पर बने ओंकारेश्वर डैम के रिजर्वायर में सोलर प्लेट लगाई गई हैं। मछुआरों का दावा है कि जलाशय में कार्यरत कुल 06 मछुआरा समितियों के 350 से अधिक लोग बेरोजगार हो गए हैं। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट से बिलाया,एखंड, गुंजारी,गोल सैलानी, घोघलगांव, इंधावडी, कामनखेड़ा, करोली, केलवा बुजुर्ग, रिच्फल, सक्तापुर और टोकी जैसे 12 गांवों के मछुआरों का रोजगार प्रभावित हुआ है। मछुआरा महिला गीताबाई ने कहा की कई साल पहले जब सरकार ने डैम बनाया तो हमारा घर डूबा दिया। तब भी हम हिम्मत नहीं हारे। हमने मछली से कमाई करके फिर से छोटा-मोटा घर बनाया। अब सरकार ने पानी में सोलर प्लांट लगाकर हमारा रोजगार ही खत्म कर दिया है।
दफ्तरों के चक्कर लगा कर परेशान, हाईकोर्ट में लगाई याचिका
अध्यक्ष सुभान सिंह तिरोले ने कहा कि हमने कई बार कलेक्टर,विधायक और सांसद सहित भोपाल तक मंत्रियों के दफ्तरों में जाकर अपनी बात रखी लेकिन किसी ने हमारी मदद नहीं की अब हम लोगों ने न्याय के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।



