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नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय ने विधि विभाग की समीक्षा बैठक ली।

अतुल मल्होत्रा रिपोर्ट मोबाइल 9993256405 –

बैठक में पाया की अधिकांश प्रकरणों में नियमित रिपोर्ट, दावा, कंप्लायंस रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं है। निगमायुक्त ने निर्देश जारी किए हैं कि न्यायालय प्रकरणों में नियमित रिपोर्ट, दावा, कम्प्लाईस रिपोर्ट प्रस्तुत करें अन्यथा नियुक्त प्रकरण प्रभारी, सहायक प्रकरण प्रभारी विभागाधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय द्वारा विधि विभाग की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि माननीय सर्वोच्च, उच्च, अधीनस्थ न्यायालय एवं ट्रिब्युनल, फोर्म में नगर निगम ग्वालियर से संबंधित, लंबित न्यायालयीन अधिकांश प्रकरणों में जबाव दावा, कम्प्लाईस रिपोर्ट आदि प्रस्तुत नहीं है। नियमित जबाव दावा, कम्प्लाईस रिपोर्ट प्रस्तुत न होने से मान. न्यायालयों द्वारा निगम के विपरीत आदेश पारित होने या कॉस्ट लगने या व्यक्तिगत उपस्थिति की संभावना बनी रहती है।
निगमायुक्त श्री संघ प्रिय ने विधि अधिकारी श्री अनूप लिटोरिया को निर्देशित किया कि नगर निगम ग्वालियर से संबंधित माननीय न्यायालय के समस्त प्रकरणों में नियुक्त प्रकरण प्रभारी, सहायक प्रकरण प्रभारी, सम्पर्क प्रभारी अधिकारी तथा समस्त विभागाधिकारी , नोडल अधिकारी को आदेशित किया जाता है कि  विधि विभाग से लंबित न्यायालयीन प्रकरणों की सूची 03 दिवस की अवधि में प्राप्त करेंगे,  मान. न्याया. में 15 दिवस की अवधि में जबाव दावा, कम्पलाईस रिपोर्ट प्रस्तुत कराना सुनिश्चित करेंगे, अवमानना प्रकरणों में 07 दिवस की अवधि में कम्पलाईस रिपोर्ट प्रस्तुत कराना सुनिश्चित करेंगे, मान. न्यायालय द्वारा समय-समय पर दिये गये निर्देशों, आदेशों का पालन समय-सीमा में करना सुनिश्चित करेंगे एवं जबाव दावा, कम्पलाईस रिपोर्ट की एक प्रति विधि विभाग में अनिवार्यतः उपलब्ध करायेंगे।
निर्देशों का पालन न होने की स्थिति में यदि मान. न्यायालय द्वारा कोई विपरीत आदेश पारित किया जाता है, कॉस्ट अधिरोपित की जाती है या अद्योहस्ताक्षरकर्ता को बुलाया जाता है तो नियुक्त प्रकरण प्रभारी, सहायक प्रकरण प्रभारी एवं विभागाधिकारी का उत्तर दायित्व माना जाकर उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक विभागीय कार्यवाही की जावेगी। जिसके लिये वे स्वयं उत्तरदायी होंगे।
सूचना क्र./229/

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Author: aajtak24x7