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मध्यप्रदेश अधिवक्ता संघ का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन व महाकुम्भ का आयोजन* 

*मध्यप्रदेश अधिवक्ता संघ का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन व महाकुम्भ का आयोजन*

*जिस पहिए पर हम सवारी कर रहे हैं उसका गंतव्य न्याय की ओर जाता है इसलिए न्यायालय को न्याय का मंदिर भी कहा गया है – न्यायमूर्ति एन.के जैन*

 

*सिरोंज।* महावीर तपोभूमि उज्जैन में जैन अधिवक्ता एसोशियन का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरूआत भगवान महावीर स्वामी के छाया चित्र पर दीप प्रज्वलित कर की गई। उक्त कार्यक्रम में न्याय मूर्ति एंव स्टेट बार काउंलिग के सदस्य एन के जैन,न्याय मूर्ति जे.के जैन,सुर्पीम कोर्ट दिल्ली के एडवोकेट राहुल जैन,हाई कोर्ट एडवोकेट अंकित जैन,युवा अधिवक्ता एंव आईजा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट राजीव जैन सैनानी,वरिष्ठ अधिवक्ता आईजा के प्रदेश सलाहकार एडवोकेट अभय जैन भैया जी सहित मध्यप्रदेश के जैन अधिवक्ता इस महाकुंभ में शामिल हुए। इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रज किशोर जैन द्वारा की गई। इस मौके पर न्यायाधीश जरत कुमार जैन इंदौर,अधिवक्ता सदस्य एमपी स्टेट बार नरेन्द्र कुमार जैन,वरिष्ठ अधिवक्ता राजमल जैन महिदपुर,वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश चंद जैन खंडवा,जैन अधिवक्ता एसोसिएशन मध्य प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार जैन शहडोल,दि.जैन सामाजिक संसद अध्यक्ष अशोक जैन,राष्ट्रीय अध्यक्ष जैन ग्लोबल विजय सुराना उज्जैन,अधिवक्ता डॉ. राजेश जैन,मनोज जैन,राजेंद्र जैन,अमित कुमार जैन इंदौर मौजूद रहें।

 

*संस्था के उध्ेश्य व पूर्व में किए गए कार्यो की दी जानकारी -* कार्यक्रम का संचालन करते हुए हाई कोर्ट एडवोकेट अमित जैन ने संस्था का उध्ेश्य एंव पूर्व में किए गए कार्यो की जानकारी दी। साथ ही संगठन की मजूबती के लिए प्रदेश स्तरीय एंव संभाग,जिला व ब्लॉक स्तर पर संगठन में नई नियुक्तिया करने की बात कही। तो वही स्टेट बार कांउलिंग के सदस्य न्याय मूर्ति एन.के जैन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन को मजबूत किया जाए। साथ ही वकीलो के लिए जानकारी देते हुए उन्होने कहा कि क्लैम व स्टेट बार काउंलिंग द्वारा दी जा रही सुविधाओं का पूरा लाभ लें व जैन तीर्थ क्षेत्रो की रक्षा के बारे में अधिवक्ताओं को अपनी अहम भूमिका निभाने को कहा गया। उन्होने कहा कि जैन तीर्थ क्षेत्र की सुरक्षा व रक्षा के लिए अधिवक्ताओं संगठित हो व अपने संगठन के लिए संमर्पित होकर अपनी सेवाएं दे। सुर्पीम कोर्ट एडवोकेट राहुल जैन ने अपने द्वारा तैयार की गई नवीन कानूनी प्रक्रियाओ से अवगत कराया। उनके इस लेक्चर की समस्त अधिवक्ताओं ने प्रसन्नसा की। वही युवा अधिवक्ता एंव आईजा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव जैन सैनानी ने संगठन का विस्तार करने एंव संगठन का रजिस्टेशन व संगठन के लिए राशि एकत्रित करने के लिए अपने सुझाव व्यक्त किए। उन्होंने कहा युवाओं को चाहिए कि वह इस वकालत के व्यवसाय की गरिमा को और बढ़ाएं। अपने वरिष्ठ से सीखकर न्यायालय में आने वाले वादकरियों की मदद करें। उन्होने कहा कि बार और बेंच का ऐसा संबंध है, जैसा एक मानव और गाड़ी के दो पहियों का होता है। अधिवक्ता अपने मुवक्किल के लिए कठोर परिश्रम करता है।

 

*50 वर्षो से वकालत करने वाले वकीलो का हुआ सम्मान -* इस अवसर पर कार्यक्रम में जैन समाज के वरिष्ठ अधिवक्ता जो कि लगभग वर्षो से एक वकील के रूप में अपनी सेवाएं दे रहें है। ऐसे लगभग आधा दर्जन अधिवक्ताओ का न्याय मूर्तियो द्वारा मंच पर सम्मान किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता अभय जैन भैया जी ने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं को चाहिए कि वह युवा वकीलों के साथ विभिन्न कानूनों पर चर्चा करें। उन्हें टास्क दें और कहें कि सभी को दस दिन के अंदर इन प्रश्नों के उत्तर लेकर आना है। जो युवा वकील उनके प्रश्नों के अच्छा व्याखान लेकर आए, उन्हें प्रोत्साहित करें। उनकी कमियों को दूर करने का प्रयास करें। बार और बेंच की व्यवस्थायें बनी रहनी चाहिए और इन्हें समानांतर रूप से कार्य करते रहना चाहिए। जहां बार अच्छा है इसका मतलब है कि वह स्थान भी अधिवक्ताओं के लिये अनुकूल और बेहतर है। उन्होने कहा कि यदि आपके समक्ष कभी भी कोई समस्या आती है तो आप उसे जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष रख सकते हैं। वे इस समस्याओं का अवश्य ही निदान करने का प्रयास करेंगे।

 

*न्यायालय को न्याय का मंदिर कहा जाता है -* न्याय मूर्ति एंव स्टेट बार काउंलिग के सदस्य एन के जैन ने कहा कि में एक न्यायधीश के रूप में पूरी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठ के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करता हूं। उन्होंने ह्वील आफ जस्टिस का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस पहिए पर हम सवारी कर रहे हैं उसका गंतव्य न्याय की ओर जाता है। इसलिए न्यायालय को न्याय का मंदिर भी कहा गया है । उन्होंने कहा कि पक्षकारों को सरल सस्ता एवं सुलभ न्याय प्राप्त हो यही उनकी इच्छा है और हम सबको मिलकर इसे पूर्ण करना है। वही उन्होने कहा कि बार और बेंच के मध्य सामंजस्य होना चाहिए जिससे पक्षकारों को लाभ मिलेगा और न्याय में पारदर्शिता बनी रहेगी।

 

*फोटो क्रमांक 01 02*

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Author: aajtak24x7

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