
आशुतोष चतुर्वेदी की रिपोर्ट सिंगरौली
राष्ट्रीय सेवा योजना अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा द्वारा प्राप्त निर्देशों के आधार पर शासकीय महाविद्यालय देवसर में 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक दान उत्सव कार्यक्रम के तहत आज दिनांक 6 अक्टूबर को कक्ष क्रमांक एफ 17 में प्राचार्य की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित समय, कौशल एवं संसाधन के दान विषय पर चर्चा हुई। मुख्य वक्ता के रूप में जानकारी साझा करते हुए अनुराग सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना अपने सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि दान उत्सव कोई नयी परंपरा नहीं अपितु भारतीय ज्ञान परंपरा का अंग रही है। हमारे ऋषि मुनि इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए समाज के संरक्षण और प्रबोधन में निरंतर लगे रहते थे। एन एस एस सेवा के माध्यम से समाज के उन्नयन में लगातार प्रयास कर रहा है। समाज में कुछ लोग समय दान कर सकते हैं, तो किसी विशेष क्षेत्र में दक्षता रखने वाले लोग अपने कौशल से समाज को प्रशिक्षित कर सकते हैं तो वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जिनके पास संसाधन है लेकिन समय नहीं है ऐसे लोग अपने संसाधनों को देकर समाज को विकास की दिशा में आगे बढ़ा सकते हैं। दान उत्सव कार्यक्रम के तहत सभी वालेंटियर्स समय, कौशल एवं संसाधन के दान के महत्व को समझते हुए समाज के परिवर्तन की आधारशिला रख सकते हैं।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में प्राचार्य प्रो० जमुना प्रसाद नामदेव ने कहा कि दान की हमारी उन्नत परंपरा रही है। हम दान उत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत दान का महत्व समझें और समाज को इससे परिचित कराएं। आज समाज का बहुत बड़ा हिस्सा ऐसा है जिसको समय, कौशल एवं संसाधन के दानियों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एन एस एस के सभी स्वयं सेवकों से आग्रह है कि वे दान उत्सव को समझ कर अपने आसपास के वातावरण को खुशहाल बनाने के लिए संकल्पित हों तभी हम आत्मनिर्भर हो सकते हैं। हम समाज में समरस वातावरण बना सकते हैं। इस मौके पर एन एस एस की कार्यक्रम अधिकारी प्रियंका गुप्ता और महाविद्यालय के खेल प्रभारी लालता प्रसाद की उपस्थिति सराहनीय रही। इस अवसर पर एन एस एस के सैकड़ों वालेंटियर्स उपस्थित रहे।


