संदीप पाटीदार राणा , जिला खरगोन
सात गांवों के छह हजार हिंदुओं ने किया समरसता भो
संगठित समाज से ही होगा हर समस्या का समाधान – कमल शिंदे
धरगांव , नान्द्रा
मंडल स्तरीय हिंदू सम्मेलन एवं समरसता भोज का आयोजन नांद्रा में किया गया, जिसमें सात गांवों के लगभग छह हजार हिंदू समाजजन शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक समरसता, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह गौ सेवा संयोजक कमल शिंदे ने कहा कि हम सबकी माता भारत माता है और हम सभी उनके पुत्र हैं, इसलिए आपस में भाई-भाई हैं। जैसे बगीचे में विभिन्न फूल मिलकर उसकी शोभा बढ़ाते हैं, उसी प्रकार हिंदू समाज की विविध जातियां समाज की शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि संघ ने अपने शताब्दी वर्ष में समाज से पांच परिवर्तनों— सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन और नागरिक कर्तव्यों—को अपनाने का आह्वान किया है।
संत समाज का प्रतिनिधित्व करते हुए पंडित पंकज मेहता ने कहा कि प्रत्येक परिवार को धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन की आदत डालनी चाहिए। हमारे पूर्वजों ने नदियों, पर्वतों और वृक्षों की पूजा सिखाकर हमें प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया है। पृथ्वी हमारी माता है, इसलिए पर्यावरण को स्वच्छ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
हिमानी विश्वकर्मा ने मातृशक्ति से अपने बच्चों में संस्कारों के बीज रोपित करने का आह्वान किया।
सम्मेलन में धरगांव, झापड़ी, हरसगांव, सुलगांव, गोगावा, पथराड और नांद्रा के हिंदू समाज की 30 से अधिक जातियों ने एक साथ भोजन कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। इस अवसर पर कलश यात्रा निकाली गई, जिसका विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में हरिओम कीर्तन मंडल द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों ने गणगौर नृत्य तथा तक्षशिला स्कूल के विद्यार्थियों ने नशामुक्ति पर आधारित नाटिका प्रस्तुत कर सभी को प्रभावित किया।
सम्मेलन में सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षिका सुश्री सुलोचना चौहान को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए, ऑस्ट्रेलिया में कार्यरत सुनील पाटीदार को ग्राम के धार्मिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता के लिए, स्वच्छता कार्य में योगदान देने वाले एडु काका तथा गौ सेवा के क्षेत्र में कार्यरत युवाओं को सम्मानित किया गया। इसके अलावा श्रीराम मंदिर के पुजारी दीपक भारद्वाज और महंत सीताराम मकवाने का भी सम्मान किया गया।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा एवं समाजजन उपस्थित रहे।


