देवसर में विकास की धड़कन तेज: पेयजल, किसान और आत्मनिर्भर ग्रामों पर मंथ
आशुतोष चतुर्वेदी देवसर/सिंगरौली (संवाददाता)।
गर्मी की तपिश के बीच विकास और व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से जनपद पंचायत देवसर के सभागार में गुरुवार को एक व्यापक समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत सिंगरौली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे ने की, जिसमें जिले के वरिष्ठ अधिकारी, विभाग प्रमुख, जनपद स्तरीय अमला, सरपंच-सचिव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में प्रशासनिक गंभीरता और विकासात्मक दृष्टिकोण का समन्वय स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। सीईओ ने सबसे पहले बढ़ती गर्मी को देखते हुए ग्रामीण अंचलों में पेयजल संकट को प्राथमिकता में रखा। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गांवों में स्थापित हैंडपंपों की खराबी तत्काल दूर की जाए, उन्हें नियमित रूप से क्रियाशील रखा जाए तथा जहां अतिक्रमण की स्थिति हो, वहां त्वरित कार्रवाई कर हैंडपंपों को मुक्त कराया जाए। साथ ही हैंडपंपों में समर्शियल पंप के अवैध उपयोग पर भी कड़ी रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी गांव में पेयजल संकट उत्पन्न न हो, इसके लिए ग्राम पंचायतों के सहयोग से आवश्यकतानुसार पानी के टैंकर उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना “जल गंगा संवर्धन” के अंतर्गत नए तालाबों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए स्थलों की पहचान कर कार्य में गति लाने पर जोर दिया गया।
बैठक में ग्राम पंचायतों की आर्थिक सुदृढ़ता पर भी विशेष चर्चा हुई। सीईओ ने बताया कि जनपद पंचायत देवसर की 29 ग्राम पंचायतों में से 25 में हाट-बाजारों की नीलामी सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी है। इससे प्राप्त राजस्व को स्थानीय विकास, विशेषकर पेयजल, स्वच्छता, शौचालय निर्माण एवं बाजारों के उन्नयन में निवेश किया जाएगा, जिससे ग्राम पंचायतें आदर्श स्वरूप की ओर अग्रसर हो सकें।
इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रणव पाठक विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने देवसर ब्लॉक को आकांक्षी क्षेत्र बताते हुए किसानों के हितों को सर्वोपरि रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष को ‘किसान वर्ष’ घोषित किए जाने के मद्देनज़र जलभराव की समस्या, सिंचाई हेतु पर्याप्त जल उपलब्धता, खेतों का सुदृढ़ीकरण एवं किसानों की आय वृद्धि जैसे मुद्दों पर ठोस पहल आवश्यक है।
जनपद अध्यक्ष ने आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को ग्राम स्तर तक सशक्त बनाने के लिए सड़कों पर सोलर लाइटिंग सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर भी बल दिया। उनके सुझावों को गंभीरता से लेते हुए सीईओ जगदीश गोमे ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के अंत में सीईओ ने दो टूक शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस बैठक में मुख्य रूप से देवसर जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रणव पाठक, जल निगम महाप्रबंधक पंकज बाधवानी,अतिरिक्त जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद डामोर, देवसर जपं मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजीव तिवारी,मनरेगा लेखापाल अधिकारी प्रियंका सिंह, आजीविका मिशन डीपीएम मंगलेश्वर सिंह, एसडीओ आरईएस सूरज मिश्रा, सहायक यंत्री अरुण द्विवेदी, संतोष कोल, समस्त उपयंत्री, पीसीओ,सरपंच, सचिव,रोजगार सहायक, जनपद के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे।



