*सासाराम में संपन्न हुआ अंतर्राष्ट्रीय रक्तदाता महाकुंभ-2*
*दुद्धी प्रगति फाउंडेशन ट्रस्ट के संस्थापक विकास कुमार अग्रहरी सम्मानित*
*आज तक 24x7news सोनभद्र से विनोद कुमार की रिपोर्ट।*
*दुद्धी सोनभद्र।* रक्तदान को जन आंदोलन बनाने के संकल्प के साथ सासाराम, रोहतास में आयोजित दो दिवसीय “अंतर्राष्ट्रीय रक्तदाता महाकुंभ-2” का समापन 5 जुलाई को हुआ। “पथ प्रदर्शक” संस्था के संस्थापक बड़े भाई बमेंद्र कुमार सिंह के पूज्य पिताजी की 11वीं पुण्यतिथि पर आयोजित इस महाकुंभ में देश-विदेश से आए रक्तदाताओं और सामाजिक संस्थाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य विषय “रक्तदान के फायदे और रक्तदान से जुड़ी मिथ्या एवं भ्रांतियां” रखा गया था। इस विषय पर विस्तार से चर्चा कर समाज में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया।
नेपाल-भूटान सहित 23 राज्यों की सहभागिता
महाकुंभ में नेपाल और भूटान सहित देश के 23 राज्यों से रक्तदान के क्षेत्र में काम करने वाले प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन और समाजसेवी शामिल हुए। दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में रक्तदान के वैज्ञानिक पहलुओं, नियमित रक्तदान के स्वास्थ्य लाभ और लोगों के मन में व्याप्त डर व भ्रांतियों को दूर करने पर विशेष जोर दिया गया।
विकास कुमार अग्रहरी और प्रगति फाउंडेशन ट्रस्ट सम्मानित
रक्तदान के क्षेत्र में निरंतर सेवा और इस महाकुंभ में सक्रिय सहभागिता के लिए दुद्धी के प्रगति फाउंडेशन ट्रस्ट को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। ट्रस्ट के संस्थापक *विकास कुमार अग्रहरी* को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
विकास कुमार अग्रहरी के नेतृत्व में दुद्धी ब्लड डोनेट एक्सप्रेस ग्रुप, सोनभद्र पिछले कई वर्षों से जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सम्मान मिलने पर अग्रहरी ने कहा कि यह सम्मान पूरे सोनभद्र जिले के रक्तदाताओं का सम्मान है। हमारा लक्ष्य हर व्यक्ति तक रक्तदान का संदेश पहुंचाना और “एक बूंद जीवन बचाए” के संकल्प को आगे बढ़ाना है।
मुख्य अतिथियों ने दी प्रेरणा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार CID के निदेशक *श्री विपिन कुमार चौधरी* रहे। उन्होंने मंच से बताया कि वह स्वयं अब तक 53 बार स्वैच्छिक रक्तदान कर चुके हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे रक्तदान को दान से बड़ा दान मानें।
विशिष्ट अतिथि के रूप में BHU हॉस्पिटल, वाराणसी के इंचार्ज *डॉ. आशुतोष कुमार सिंह* उपस्थित रहे। उन्होंने रक्तदान के चिकित्सकीय फायदे गिनाते हुए कहा कि 3 महीने में एक बार रक्तदान करने से शरीर में नई कोशिकाएं बनती हैं और हृदय रोग का खतरा कम होता है।
समापन सत्र में सभी प्रतिभागी संस्थाओं और रक्तदाताओं को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
आयोजकों ने बताया कि इस महाकुंभ का उद्देश्य केवल सम्मान नहीं, बल्कि समाज में रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों को तोड़कर अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना है।




