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एशिया के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन ग्वालियर के लिए 24 कंपनियों ने ₹5,500 करोड़ के निवेश को दिया है प्रस्ताव: केंद्रीय मंत्री सिंधिया*

*एशिया के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन ग्वालियर के लिए 24 कंपनियों ने ₹5,500 करोड़ के निवेश को दिया है प्रस्ताव: केंद्रीय मंत्री सिंधिया*

– केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय दूरसंचार विभाग के सचिव एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ग्वालियर में TMZ के लिए चयनित स्थल का किया निरीक्षण।

– टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 18,000+ रोजगार के अवसर होंगे सृजित।

– ₹5,500 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से ग्वालियर में दूरसंचार उपकरणों के विनिर्माण और औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

– सिंधिया ने 170 एकड़ भूमि का किया निरीक्षण, 24+ ग्लोबल कंपनियां करेंगी भूमिपूजन

 

ग्वालियर अब देश के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (SADA) में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया।

 

ग्वालियर में स्थापित होने वाला यह एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन होगा। प्रस्तावित TMZ में लगभग ₹5,500 करोड़ के निवेश के साथ करीब 18,000 रोजगार के अवसर सृजित होगा।

 

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि यह केवल “एक” औद्योगिक इकाई की स्थापना नहीं है, बल्कि ग्वालियर में टेलीकॉम क्षेत्र से जुड़ी 24-25 विनिर्माण इकाइयों का पूरा औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम है। इन इकाइयों में टेलीकॉम उपकरण और विभिन्न कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाएगा।

 

*SADA में 170 एकड़ भूमि, पहले चरण में 90 एकड़ SADA और 70 एकड़ IT Park*

प्रस्तावित TMZ के लिए SADA में लगभग 90 एकड़ और IT Park में लगभग 70 एकड़, यानी कुल 170 एकड़ भूमि को लेकर योजना तैयार की गई है।

सिंधिया ने बताया कि निवेशकों की रुचि इतनी अधिक है कि वर्तमान में उपलब्ध भूमि की तुलना में आवेदन अधिक आ रहे हैं। ऐसे में TMZ के पहले चरण के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की पहचान की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार भूमि आवंटन बढ़ाया जाएगा।

 

SADA की स्थापना स्वयं श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी के रूप में ग्वालियर को दिल्ली के काउंटर मैगनेट सिटी के रूप में एक नए औद्योगिक केंद्र के तौर पर विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी। अब उसी औद्योगिक दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए ग्वालियर में एशिया का पहला TMZ स्थापित किया जा रहा है।

 

*24 कंपनियों ने दिए ₹5,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव*

जुलाई 2026 में केंद्रीय दूरसंचार विभाग के मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बीच TMZ की स्थापना को लेकर MOU साइन हुआ था। इसके बाद अगस्त में सिंधिया और मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व में दिल्ली और मुंबई में निवेशक रोड शो आयोजित किए गए। दिल्ली रोड शो में कंपनियों की ओर से करीब ₹3,500 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता सामने आई, जिससे लगभग 14,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वहीं 4 अगस्त को मुंबई में आयोजित रोड शो में करीब ₹2,000 करोड़ के निवेश और लगभग 4,000 रोजगार के अवसरों की प्रतिबद्धता प्राप्त हुई।

 

सिंधिया ने यह भी स्पष्ट किया कि निवेश की घोषणाएं केवल मौखिक प्रतिबद्धताएं नहीं हैं। निवेश में रुचि दिखाने वाली कंपनियों से भूमि आवंटन के समय ही आवेदन प्रक्रिया में शामिल होने को कहा गया था। परिणामस्वरूप, 24 कंपनियों ने TMZ के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

 

*मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार का आकर्षक पैकेज*

TMZ को ग्वालियर लाने में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सिंधिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को धन्यवाद देते हुए बताया की राज्य सरकार ने टेलीकॉम उद्योग के लिए आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज तैयार किया है। इसमें उद्योगों के लिए भूमि लीज, बिजली, रोजगार और उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन के साथ-साथ पर्यावरण और हरित विकास से जुड़े प्रोत्साहन भी शामिल हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग की ओर से लगभग ₹500 करोड़ का कॉमन टेस्टिंग लैब पैकेज प्रस्तावित है।

 

सिंधिया ने बताया की आज कि ग्वालियर की सबसे बड़ी ताकत उसकी कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल मानव संसाधन है। ग्वालियर को दिल्ली और उत्तर भारत के बड़े बाजारों से जोड़ने के लिए लगभग 120 किलोमीटर का आगरा-ग्वालियर हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित हो रहा है। यह कनेक्टिविटी ग्वालियर को बड़े औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों के और करीब लाएगी। – ग्वालियर पहले से ही देश के प्रमुख रेल मार्गों पर स्थित है, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों तक माल और मानव संसाधन की आवाजाही आसान होती है। ⁠ग्वालियर में लगभग ₹650 करोड़ की लागत से एयरपोर्ट का विकास रिकॉर्ड समय 16 महीने में किया गया है। इससे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के साथ कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। ग्वालियर में बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग संस्थान हैं और लगभग 25,000 इंजीनियरिंग विद्यार्थी प्रतिवर्ष स्नातक होते हैं। इससे TMZ में टेलीकॉम क्षेत्र के लिए आवश्यक तकनीकी और कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। TMZ के विकास के लिए टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े छह प्रमुख वर्टिकल को ध्यान में रखते हुए पूरा इकोसिस्टम विकसित करने की योजना है। सिंधिया ने कहा कि केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश सरकार और संबंधित विभागों की पूरी टीम निवेशकों को ग्वालियर में उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

 

एशिया के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के रूप में ग्वालियर का चयन शहर को एक नए औद्योगिक अध्याय की ओर ले जाने वाला कदम है और श्रीमंत माधवराव सिंधिया द्वारा परिकल्पित काउंटर मैग्नेट सिटी की औद्योगिक विरासत को आगे बढ़ाता है।

 

सिंधिया ने घोषणा की, कि वे ग्वालियर के दो दिवसीय दौरे के बाद 22 सितंबर को बेंगलुरु जाएंगे और वहां टेलीकॉम क्षेत्र के निवेशकों के साथ रोड शो करेंगे।

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Author: aajtak24x7

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