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सिंगरौली के ग्राम पंचायत कंजी सचिव पर 25,750 रुपये का उधार न चुकाने का आरोप..?
सिंगरौली, मध्य प्रदेश – भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे सिंगरौली जिले के ग्राम पंचायत कंजी के सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा पर एक और गंभीर आरोप सामने आया है। इस बार उन पर एक स्थानीय किराना दुकानदार का 25,750 रुपये का उधार न चुकाने का मामला आया हुआ है। दुकानदार ने सचिव पर धमकी देने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
दुकानदार का दावा सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा उधार चुकाने से कर रहा इनकार और देरहा धमकियां…
दरा सल पूरा मामला ग्राम कंजी के निवासी और खुटार के कमलेश किराना व जनरल स्टोर के संचालक कमलेश कुमार शाह ने इस संबंध में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराया है की कमलेश का कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा ने उनके दुकान से कई बार सामान खरीदा और पहले समय पर भुगतान भी किया। लेकिन 15 अगस्त 2023 को सचिव ने 25,750 रुपये का सामान लिया था, जिसका भुगतान अब तक नहीं किया है। कमलेश के अनुसार, जब उन्होंने इस उधार की रकम वापस मांगी, तो सचिव ने गाली-गलौज करने के साथ ही झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी…?
पुराना भुगतान हुआ लेकिन नई उधारी अभी तक बाकी है कमलेश कुमार शाह के अनुसार, पहले की 5,000 रुपये की उधारी का भुगतान सचिव ने उनके खाते में कर दिया था, लेकिन बाकी की राशि 25,750 रुपये अभी तक बकाया है। जब भी वह रकम मांगने जाते हैं, तो सचिव उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देते हैं। कमलेश का यह भी कहना है कि जितेंद्र विश्वकर्मा ने यह भी स्वीकार किया है कि उनके ऊपर कई दुकानदारों का पैसा बकाया है, और वे किसी का भी भुगतान नहीं करेंगे..
दुकानदारों में आक्रोश, प्रशासन से न्याय की मांग..
कमलेश ने बताया कि सचिव का यह व्यवहार नया नहीं है। गांव के कई अन्य दुकानदारों का भी पैसा सचिव पर बकाया है, लेकिन राजनीति और पद के दुरुपयोग के चलते वे किसी से नहीं डरते। विरोध करने पर वे धमकी देते हैं और गाली-गलौज करने से भी पीछे नहीं हटते। दुकानदारों का कहना है कि वे इस स्थिति से परेशान हैं और प्रशासन से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। दुकानदारों का आरोप है कि जितेंद्र विश्वकर्मा की राजनीतिक पकड़ इतनी मजबूत है कि कोई भी अधिकारी उनके खिलाफ कार्रवाई करने से हिचकता है।
भ्रष्टाचार के आरोप पहले से ही लगते रहे हैं…
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत कंजी के सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा पहले से ही भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जितेंद्र पंचायत के फंड का दुरुपयोग कर रहे हैं और पंचायत के कामों में पारदर्शिता का अभाव है। अब दुकानदारों के इस नए आरोप ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
दुकानदारों की अपील न्याय और कार्रवाई की मांग..
कमलेश कुमार शाह और अन्य दुकानदार प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर प्रशासन ने सचिव के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं की, तो उन्हें और दुकानदारों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा पर लग रहे इन आरोपों से स्पष्ट है कि सिंगरौली के ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग की स्थिति गंभीर है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करता है, या फिर भ्रष्टाचार और धमकियों का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा। सभी पीड़ित दुकानदारों की यही मांग है कि उन्हें जल्द से जल्द उनका पैसा वापस दिलाया जाए और सचिव के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए दुकानदारों का कहना है कि वे अब और अन्याय सहन नहीं कर सकते।
संवेदनशील मामला, प्रशासन पर नजरें टिकीं..
जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से उम्मीद है कि वे इस मामले को गंभीरता से लेंगे और निष्पक्ष जांच करवाएंगे ताकि भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ एक सख्त संदेश जा सके।
इन सभी मामलों पर संगठन ने भी हूनकार भरते हुए कहा कि अगर सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा राजनीति संरक्षण लेकर और पद का दुरुपयोग करेंगे तब हम संगठन सभी एक होकर इनका मुंहतोड़ जवाब देंगे और हर दुकानदार का पैसा वापस करवाने के लिए हम स्वयं ज्ञापन जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को देकर कार्रवाई की मांग करेंगे क्योंकि लगातार सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा के ऊपर ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का आरोप लगी रहे थे लेकिन अगर अब वह दुकानदारों को भी परेशान करेंगे तो अब यह सहन नहीं किया जाएगा क्योंकि एक दुकानदार कितने मेहनत से अपने परिवार को चलता है और किराने के दुकान में कितनी फायदा है वह सभी भली-भांति जानते हैं अगर ऐसे में सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा अपने इन कृतियों से बाज नहीं आएंगे तो हम स्वयं रोड पर उतरकर उनका घोर विरोध करेंगे..



