बडौत में हुए हादसे में काल कलवित हुए जैन श्रद्धालुओं को मुआवजा राशि देने की पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने की मां
राजीव जैन सिरोंज। भारत सरकार के पूर्व केन्द्रीय मंत्री एंव आईजा के राष्ट्रीय सलाहकार प्रदीप जैन आदित्य ने बडौत में जैन समाज के सात श्रद्धालुओं की दुखद मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जैन समाज के लोगो को मुआवजा दिए जाने की मांग की। जिससे जैन परिवार जनों को राहत की सांस मिलें। उन्होने कहा कि महाकुंभ में सगम तुट पर हुए हादसे में 30 लोगों की मौत एक दुखद घटना हुई। सरकार ने मृतकों के परिवार को 25-25 लाख रूपये का मुआवजा देकर राहत देने की कोशिश की है। वहीं घायलों को भी मुआवजा दिया जाता तो बेहतर होता। हादसे की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक कमेटी में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो अपेक्षा की जाती है कि उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होने कहा कि बडौत में भी जैन समाज के सात श्रद्धालुओं की दुःखद मृत्यु पर शोक जताया गया। लेकिन शोक सप्तत परिवार को मुआवजे के भुगतान की कोई घोषणा नहीं की गयी। इन परिवारों को भी मुआवजा दिया जाता तो ज्यादा उचित होता। जिससे जैन समाज के परिवार कुछ राहत की सास लेते। बडौत में सत्तर से अधिक घायल श्रद्धालुओं को अपना इलाज प्राइवेट अस्पतालों में करवाना पड़ा। इन घायलों को इलाज में बड़ी धनराशि खर्च करना पड़ी। अपेक्षा है कि सरकार मृतकों के परिवार को और घायलों को मुआवजे के भुगतान पर सहानुभूति पूर्वक विचार करेगी। बडौत में हुए हादसे में पुलिस कर्मियों द्वारा मानवता का धर्म निभाते हुए घायलों की सहायता की और उनके जीवन की रक्षा की। ऐसे पुलिस कर्मी प्रशंसा और पारितोषक के हकदार है। उन्होने उप्र सरकार से निवेदन करते हुए कहा कि जिन पुलिस कर्मियों ने घायलों की सहायता की है उन्हें राज्य स्तर पर उचित इनाम दिया जाना चाहिए एवं राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें सम्मानित किए जाने हेतु केन्द्र सरकार को संतुति करना चाहिए।



