
मुकेश शुक्ला आज तक 24 * 7 ओंकारेश्वर चेत्र पक्ष की नवरात्र दिवस दिवस पर्व 30 मार्च से आरंभ होने जा रहा है नव शक्ति की पूजा अर्चन में संपूर्ण भारतवर्ष में माता के अनुयाई लीन रहेंगे वही 6 अप्रैल रविवार को शुक्ल पक्ष और रवि पुष्य नक्षत्र में भगवान श्री राम का जन्म दिवस मनाया जाएगा जो विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है कlरण रविपुष्य नक्षत्र में आने वाले पर्वों का भारतीय संस्कृति में विशेष व महत्व माना जाता है श्री रामनवमी का पर्व केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं बल्कि यह सुख समृद्धि सामाजिक उन्नति पारिवारिक आत्मिक शांति प्रदान करता है दुर्गा ज्योतिष कार्यालय बड़वाह के पंडित पंकज शर्मा का कहना है कि रामनवमी का योग विशेष नक्षत्र में होने के कारण भक्तों को मानो वांछित फल की प्राप्ति एवं सिद्धि प्राप्त करने का योग बनता है तो वही भगवान राम के सबसे प्रिय हृदय रूपी श्री हनुमान जयंती का दिवस भी शनिवार को होने की वजह से अत्यंत प्रभावशील एवं महत्वपूर्ण बताया जा रहा है पंडित शर्मा के अनुसार 27 नक्षत्र में पुष्य को राजा माना जाता है और इस नक्षत्र के स्वामी शनि और उपस्वामी बृहस्पति हैं नक्षत्र का अनुक्रम 60 घटी यानी की 24 घंटे तक रहेगा संपूर्ण दिन पुष्य नक्षत्र का प्रभाव बना रहेगा रामनवमी के दिन सुंदरकांड मंत्र जाप और पाठ का विशेष महत्व होता दोपहर 12:00 बजे भगवान श्री राम का जन्म उत्सव मनाया जाएगा तो वही नवरात्रि पर्व का समापन एवं पूर्णाहुति भी होगी संपूर्ण निमाड़ क्षेत्र में नवरात्र के पर्व को गणगौर महोत्सव पर्व के रूप में मनाया जाता हुआ रहा है यह परंपरा प्राचीन समय से संचालित होती हुई चली आ रही है


