ओंकारेश्वर एवं खेड़ी घाट में गणगौर पर्व का सम्पन्न हुआ नर्मदा की मध्य धार में ज्वारो का विसर्जन कर नम आंखो से भक्तों ने दी बिदाई


मुकेश शुक्ला आज तक. 24 *7
ओंकारेश्वर ( नि प्र ) धार्मिक नगरी ओकारेश्वर एवं ग्राम खेड़ी घाट में 11 दिवसीय गणगौर पर्व को लेकर नर्मदा की मध्यधार में माता गणगौर के जवारो का विसर्जन संपन्न हुआ माता जी के जयघोष के साथ नाम आंखों से माता के भक्तों ने विदाई दी

ओंकारेश्वर मे माता गणगौर कि बाड़ी शिवपुरी मे पं रामचन्द्र परसाई विष्णुपुरी पं ललित दुबे एवं ब्रह्मपुरी में गजानंद गिरी के निवास पर बोई गई शिवपुरीएवं विष्णुपुरी में लगभग 110 वर्षों से परंपरागत अनुसार गणगौर की बड़ी पंडित पुजारी के यहां पूर्वजों के समय से बोई जा रही है
तीनों स्थानों पर अलग-अलग माता मन्नत अनुसार जजमानों द्वारा माता को मेहमान बनाकर लाया गया था मंगलवार चेतन खंडेलवाल .श्रीजी मंदिर ट्रस्ट कर्मचारी के यहां माता बोड़ा कर लाई गई थी बुधवार को प्रमोद ललित करोडी परिवार बलवाड़ी .ब्रह्मपुरी क्षेत्र में नाविक संघ द्वारा माता बोढ़ाई गई
वैदिक ब्राह्मण के गगन भेदी मंत्रोचार के साथ पूजा अर्चना की गई 3 अप्रैल को विशाल भंडारे का आयोजन हुआ तो वहीं ग्राम खेड़ी घाट में पंडित कमलेश पगा रे के द्वारा पूजन पश्चात बालवाड़ी से होते हुए शोभायात्रा घाट तक निकाली गई
गोमुखघाट तथा ब्रह्मपुरी घाट से नर्मदा की मध्य धार में माता का विसर्जन हुआ पंडितअंकित परसाई श्रीकांत जोशी ने बताया कि
समूचे निर्माण में गणगौर का पर्व हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है ब्रह्मपुरी .विष्णुपुरी व शिवपुरी तीन पुरिया में अनादि काल से पंडित पुजारी के यहां बाड़ी बोई गई आठ दिवसीय पूजन पाठ व गीत झालरियों दिए गए
माता का मायका होने से यहां चैत्र की दसवीं को माता बोई जाती है तथा चैत्र की दूज को माता पाठ बैठी थी
नगर परिषद पुलिस प्रशासन सामाजिक संगठनों द्वारा धार्मिक आयोजन में व्यवस्था की गई

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Author: aajtak24x7

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