
मुकेश शुक्ला आज तक 24 * 7 ओंकारेश्वर तीर्थ नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं में विस्तार कर , ओंकार भोजन प्रसादालय में भोजन वितरण व्यवस्था का समय बढ़ाया मैं बढ़ोतरी की गई एसडीएम पुनासा श्री शिवम प्रजापति एवं श्रीजी मंदिर ट्रस्ट ओंकारेश्वर के द्वारा तीर्थ नगरी में
आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए जनहित में यह निर्णय लिया ओंकारेश्वर में दूर-दूर से बड़ी आस्था श्रद्धा के साथ पहुंचने वाले भक्तों को अब ज्योतिर्लिंग श्रीजी मंदिर संस्थान द्वारा संचालित ओकार भोजन प्रसादलय में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 तक भोजन प्रसादी का लाभ मिलेगा । वही शाम का भोजन शाम 5:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक मिलेगा।
भोजन व्यवस्था में समय का विस्तार ज्योतिर्लिंग मंदिर संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं एसडीएम श्री शिवम प्रजापति ने भक्तों की सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से किया है।
ज्योतिर्लिंग भगवान के दर्शन के लिए भक्त सुबह 5:00 बजे से मंदिर पहुंचने लगते हैं कई भक्त देश के विभिन्न प्रांतो से यहां आते हैं।
दर्शन के बाद कई भक्त ज्योतिर्लिंग बाबाओंकार के प्रसाद की आस एवं आस्था भी रखते हैं।
श्री प्रजापति ने बताया कि श्रद्धालुओं को सुगम सुविधा मंदिर संस्थान की ओर से मिले इसी उद्देश्य से ओकार भोजन प्रसादालय की पूर्व में निर्धारित समय सारणी में बदलाव करते हुए अब भोजन का समय और अधिक बढ़ाया गया है। यह व्यवस्था
पहले दोपहर 12:30 से 3:00 तक भक्तों को भोजन मिलता था।
साथ ही शाम का भोजन 7:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक रहता था। वर्तमान में यह निर्णय लिया गया जिसमें
सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक और शाम का भोजन 5:00 बजे रात्रि 9:00 बजे तक रहेगा ।
श्रीजी मंदिर ट्रस्ट के द्वारा ओंकार भोजन प्रसादालय में मां नर्मदा की पैदल परिक्रमा करके आने वाले भक्तों के लिए निशुल्क भोजन की व्यवस्था और ठहरने की व्यवस्था भी संस्थान की ओर से रहेगी।
समय सारणी में किए गए विस्तार और प्रसादालय की व्यवस्थाओं में भूपेंद्र चौहान के साथ सहायक के रूप में मनोज त्रिवेदी को भी नियुक्त किया है।
ताकि ओकार भोजन प्रसादालय की व्यवस्थाएं सुगम रूप से संचालित हो। श्रद्धालु को कोई परेशानी नहीं हो।
प्रसादालय के प्रचार-प्रसार के लिए ओंकारेश्वर में जगह-जगह सांकेतिक बोर्ड भी लगाएंगे। ताकि ज्यादा से ज्यादा भक्तों को मंदिर ट्रस्ट की इस सेवा का लाभ मिले। एस डी एम श्री प्रजापति के द्वारा लिए गए निर्णय की सर्वत्र प्रशंसा की जा रही है


