*आशुतोष चतुर्वेदी की रिपोर्ट (सिगंरौली, देवसर)
*
सिंगरौली। देवसर उप रजिस्ट्रार कार्यालय देवसर में पिछले दो वर्षों से कोई भी रजिस्ट्रार नियमित रूप से नहीं बैठ रहा है जिसके वजह से 96 ग्राम पंचायत के किसान क्रेता विक्रेताओं को खरीदी बिक्री के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है और जमीन के क्रय विक्रय के लिए यहां से 50 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय बैढ़न जाना पड़ता है , जहां गरीब किसान गवाही को साथ में ले जाने के लिए हजारों रुपए खर्च करना पड़ रहा है फिर भी देवसर में एक उप पंजीयक की स्थाई रूप से पदस्थापना नहीं हो पा रही है , पिछले दो वर्षों के दौरान 10-10 दिन के लिए कई रजिस्ट्रार आए और गए लेकिन जिला प्रशासन को इस बात की शायद कोई परवाह नहीं। तो वही औसतन प्रतिदिन आधा सैकड़ा रजिस्ट्री उप पंजीयक कार्यालय देवसर में हो जाया करती थी, तो वही अब कार्यालय में ताला बंद होने से यहां के रजिस्ट्री लेखक, स्टांप वेंडर , वकील, आम नागरिकों को काफी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
कार्यालय भवन का अभाव
देवसर में पहले उप रजिस्ट्रार कार्यालय एसडीएम कोर्ट के सामने हुआ करती थी लेकिन एसडीएम कोर्ट के साज सज्जा के खातिर उसको जमीन डोज कर दिया गया अब पुराने तहसील भवन के एक खंडहर कमरे में उप रजिस्ट्रार कार्यालय का संचालन जब कभी रजिस्ट्रार आते हैं तो वहीं से हो रहा है। जहां कई तरह की समस्याएं होती हैं सीमेंट शीट का छत पूरी तरीके से छती ग्रस्त है दीवारों की प्लास्टर उखड़ी है फर्श उखड़ है फर्नीचर का भी उप कार्यालय में अभाव है, इस तरह के सुविधा विहीन पुराने कमरे को उप पंजीयन कार्यालय के लिए थोप दिया गया है।


