
सिरोंज। भगवान महावीर जयंती के एक दिन पूर्व बुधवार विश्व नवकार महामंत्र दिवस के अवसर पर दिगम्बर जैन बडें मंदिर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्री दिगम्बर जैन नवयुवक मण्डल व दिव्य देशना महिला मण्डल द्वारा नवकार महामंत्र का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें महामंत्र के उपचारण के साथ आकाश भी गुजंमान हो गया। तो वही जैन श्रद्धालुओं ने महामंत्र का जाप पूर्ण श्रद्धा के साथ संगीतमय नवकार मंत्र के प्रात काल दिगम्बर जैन बडें मंदिर में भगवान महावीर का अभिषेक शांतिधारा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 1008 भगवान महावीर स्वामी के 2625 वें जन्म कल्याणक महोत्सव पर विश्व के अनेको देशो सहित सम्पूर्ण भारतवर्ष के समस्त जिनालय व सार्वजनिक स्थानो पर पंचपरमेष्ठी भगवान की आराधना करते हुए समस्त जीवन जीवो के कल्याण विश्व शांति समृद्धि एंव अहिंसा की स्थापना की भावना के साथ णमोकार मंत्र जाप में पुण्यार्जन करने वाले समस्त सदस्यों के पुण्य की अनुमोदना की।
दिव्य देशना महिला मण्डल की अध्यक्ष बोली,पहला नारा जैन हो – इस अवसर दिव्य देशना महिला मण्डल की अध्यक्ष श्रीमति रानी जैन बगरोदा ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक के अवसर पर पहला नारा यही लगाए जैन है तो जैन लिखवाए। वही उन्होने कहा कि आने वाले 10 अप्रैल को देवा धी देव महावीर स्वामी जन्म कल्याणक की समाजजनो को बधाई देते हुए कहा कि महावीर जयंती पर सभी समाजजन एक छोटा सा नियम ले। हमसे व अपने नाम के साथ जैन शब्द आवश्यक रूप से लगाए। अगर आप भगवान महावीर स्वामी के अनुयाई है तो अपनी पहचान मत छुपाओं और पहला नारा यही लगाए जैन है तो जैन लिखाए। भगवान आदिनाथ के वंशज व अंतिम तीर्थंकर महावीर स्वामी अनुयायी ही, यदि हमें अपनी शक्ति का अहसास कराना है। तो एक सूत्र में बंध कर तो रहना ही होगा। साथ ही अपनी पहचान जो जैन शब्द से है सभी को अपने नाम के साथ लगाकर करानी होगी। समय की मांग और वर्तमान की जरूरत को ध्यान में रखते हुए एक अभियान चलाया जाए जैन है तो जैन लिखाएं वास्तविक रूप से देखा जाए तो जैन अनुयायियों की संख्या जनगणना के अनुसार कम है लेकिन वास्तव में अधिक है और उसका मुख्य कारण जनगणना के समय धर्म के कॉलम में जैन न लिखाना। जनगणना के कॉलम में तो जैन लिखाना ही है। लेकिन अपने नाम के पीछे भी जैन शब्द लिखना बहुत आवश्यक है। जिससे की पहचान हो सके कि हम जैन हैं। हम अपने नाम के पीछे जैन न लगाकर अपना गोत्र लगाते हैं जिससे यह पता ही नहीं चल पाता है कि हम जैन है या नहीं है।
एक मुहिम चलाकर किया जाए यह जागरण – महिला मण्डल की अध्यक्ष श्रीमति रानी जैन बगरोदा ने कहा कि जब भी हमारे बच्चों का प्रथम प्रवेश विद्यालय में कराया जाए तो उस समय उनके नाम के पीछे गोत्र ना लगाकर जैन शब्द का उपयोग किया जाए। जब भी हम अपने नाम का उपयोग करें तो गोत्र से पहले जैन लगाएं। यदि यह संभव होता है तो हमारे संस्कार भी जीवित रहेंगे और हमारी संख्या भी सामने आ सकेगी।
नव युवक मण्डल ने निकाली प्रभात फेरी – महावीर जंयती के एक दिवस पूर्व दिगम्बर जैन नव युवक मण्डल द्वारा प्रात काल प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। जो नगर के मुख्य मार्गो से निकाली गई। इस अवसर पर नमोकार मंत्र एंव भगवान महावीर एंव जियो और जीनो दो,जय जिनेन्द्र के नारो से शहर गूंजमान हो गया। तो वही बुधवार को प्रात काल निकाली गई प्रभात फेरी के अलावा रात्रि के समय बधाई बुलऊआ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साथ ही आज प्रात 7 बजें भगवान महावीर का जन्म अभिषेक,शांतिधारा सहित प्रात 8 बजें चल समारोह निकाला जाएगा। इसी के साथ रात्रि 8 भगवान महावीर स्वामी की महाआरती का आयोजन किया जाएगा।


