👉 आहरित विकास के नाम पर धनराशि का पंचायत में हुआ बंदरबांट
संवाददाता
सीतापुर। विकास के नाम पर बड़े पैमाने पर धनराशि प्रदेश सरकार के द्वारा ग्राम पंचायत पर खर्च की जाती है लेकिन उसके बावजूद भी मानक के अनुरूप कार्य नहीं होता जो बड़ा सवाल है कि आखिरकार जिम्मेदारों के रहते ऐसा कैसे हो रहा है, तो वहीं बातें हो रही है इंटरलॉकिंग के निर्माण कार्य की तो वहां भी वही चाहे पक्का हो या मनरेगा के तहत कच्चा कार्य हर जगह पर आपको यही नजर आएगा कि कहीं ना कहीं सरकारी धनराशि आहरित कर बंदरबांट हो रही है, शिकायतें भी हो रही है परंतु उसके बावजूद भी कार्यवाही नहीं हो रही। बताते चलें कि परसेंडी की ग्राम पंचायत मासूमपुर जहां पर भ्रष्टाचार की झड़ी लगा दी गई है और हर कार्य ऐसा लग रहा है जिसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया हो चाहे नल रिबोर हो या फिर इंटरलॉकिंग जैसे अहम विकास कार्य चहुंओर भ्रष्टाचार नजर आ रहा है, बताते चलें कि इंटरलॉकिंग में 176957, 198176, 7 8750 कुल 453883 इसी तरीके से नल रिपोर्ट में भी कुछ बातें सामने आ रही हैं जिनकी भी चर्चाएं हो रही हैं की नल रिबोर में 19510,19950 रुपए कुछ समय पहले ही खर्च किए गए जबकि देखने से यह स्पष्ट हो जाएगा कि कोई नल रिबोर हुआ ही नहीं? इस तरीके से विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार की काफी बातें हो रही है फिलहाल प्रकरण की जांच होनी चाहिए और कहां-कहां घोटाले की इबारत ग्राम प्रधान जी के संरक्षण में लिखी गई है उस पर कार्यवाही होनी चाहिए।देखना है जांच कर कुछ कार्यवाही होगी या अब मामला सुर्खियों में दब कर रह जाएगा।


