मुकेश शुक्ला आज तक 24 * 7 ओंकारेश्वर पतित पावन तीर्थ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को नर्मदा ब्रिज से गुजरते समय बिछाई गई नेट में यात्री यो के चलते समय पैर उलझा जाने के कारण जाने के ब्रिज पर श्रद्धालुओं को गिरते देख मांधाता थाने में पदस्थ पुलिस अधिकारी श्री रामदास यादव की सहरानिय सेवाओं की सर्वत्र प्रशंसा की जा रही है
गर्मी के इस तीखे मौसम में जब आम जन परेशान हैं, ऐसे समय में मानवता का एक सराहनीय उदाहरण श्री यादव ने प्रस्तुत किया।
ममलेश्वर झूला पुल, जो ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की मुख्य आवागमन का मार्ग है , वहां गर्म जमीन से बचाव के लिए बिछाई गई मेट (नेट) कई जगहों से फटी और उखड़ी हुई थी। इसके चलते कई श्रद्धालु उसमें उलझकर गिर रहे थे, जिससे चोटिल होने का खतरा बना हुआ था।
उसी समय एसआई रामदास यादव मौके से गुजर रहे थे। उन्होंने श्रद्धालुओं को गिरते हुए देखा तो तुरंत बिना किसी आदेश या औपचारिकता की प्रतीक्षा किए, स्वयं पहल कर पुल पर बिछी मेट को ठीक किया। जहां-जहां से नेट निकली हुई थी, वहां उसे सलीके से जमाया ताकि आगे किसी श्रद्धालु को कोई चोट न लगे।
एसआई यादव का यह छोटा सा कार्य दिखने में सामान्य लग सकता है, लेकिन इसकी मानवीय भावना बहुत बड़ी है। उन्होंने न केवल एक पुलिसकर्मी के रूप में बल्कि एक सजग नागरिक और सच्चे सेवक के रूप में कर्तव्य निभाया।
यदि समाज के हर व्यक्ति में ऐसी ही संवेदनशीलता और जागरूकता हो, तो जनसमस्याओं का समाधान स्वतः संभव हो सकता है। एसआई रामदास यादव का यह कार्य निश्चित ही प्रेरणादायक है और सभी को यह सिखाता है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़ी राहत दे सकते हैं।



