मेराज पठान की रिपोर्ट
और लगभग आधा दर्जन डेरियों मैं पशुओं को खिलाए जाने वाले चारे के नमूने एकत्र किए और साथ ही दूध का नमूना भी लिया। इस दौरान डेयरी संचालकों में अफरा तफरी का माहौल रहा डेयरी संचालक बार-बार अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार लाने का समय मांग रहे हैं इसके बाद भी डेरियों में निरीक्षण और छापेमारी का क्रम जारी है। जबकि डेयरी संचालक हर रोज हो रही निरीक्षक और छापेमारी से परेशान आ चुके हैं शनिवार को भी 9:30 बजे अपने दल बल के साथमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप शर्मा के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम ने सरधना में डेयरियों पर छापेमारी कर जांच अभियान चलाया। इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा, कि डेयरियां सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित हो रही हैं या नहीं। जबकि देरी इसमें चालू को कहना है कि उन्हें किसी भी डिपार्टमेंट की ओर से अभी तक कोई गाइडलाइन उपलब्ध नहीं कराई गई है
जांच के दौरान डेयरियों में उपलब्ध जगह, पशुओं की संख्या, चारे की गुणवत्ता और अपशिष्ट निस्तारण की व्यवस्था का आकलन किया गया।
गौरतलब है कि दो दिन पूर्व भी पशुपालन विभाग, औषधि विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग, भूगर्भ जल विभाग, नगर पालिका, सरधना तहसील प्रशासन और पुलिस बल ने इसी तरह की छापेमारी की थी। इसके बाद डेयरी संचालकों ने एक बैठक कर सरधना उपजिलाधिकारी दीक्षा जोशी, नगर पालिका चेयरपर्सन सबीला अंसारी और अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला को ज्ञापन सौंपकर सहयोग की अपील की थी। डेयरी संचालकों का कहना था कि सभी विभागों के अधिकारी उनके साथ बैठक कर अपने-अपने विभाग की गाइडलाइन से उन्हें अवगत कराएं, जिसके बाद वे सभी डेयरी संचालक नियमानुसार डेयरियां चलाएंगे।



