जिसमें ग्वालियर के लोकप्रिय शायर श्री मदन मोहन दानिश विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित थे । कार्यक्रम में सर्वप्रथम नवीन सदस्य श्री आशीष दुबे एवं विशिष्ट अतिथि शायर मदन मोहन दानिश का हार फूल मालाओं से स्वागत किया गया । कार्यक्रम में सभी सदस्यों को किसी एक फिल्मी डायलॉग को एक्टिंग के साथ दोहराना था, सबसे अच्छी परफॉर्मेंस प्रस्तुत करने वाले को पुरस्कृत भी किया जाना था, प्रतियोगिता के लिए निर्णायक ग्रुप के सबसे वरिष्ठ मेंबर श्री सुभाष कश्यप को बनाया गया, सबसे अच्छी परफॉर्मेंस प्रस्तुत करने वाले अश्विन जैन को विजयी घोषित किया गया, जिन्हें शायर मदन मोहन दानिश के करकमलों से पुरस्कार दिलवाया गया । कार्यक्रम में नीरज नायक, डॉ जगमोहन पाल, संग्राम सिंह, एसएन सिंह, डॉ ओ पी वर्मा, जितेंद्र तागड़े और नरेश मेहता द्वारा गीत प्रस्तुत किए गए । ग्रुप के सदस्य विनोद वैध का जन्मदिन होने से उनका जन्मदिन भी मनाया गया, ग्रुप संयोजक राहुल गुप्ता स्पर्शी द्वारा उन्हें एक कविता भेंट की गई ।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित शायर मदन मोहन दानिश द्वारा शानदार शायरी और गजल प्रस्तुत की गईं – और क्या आख़िर तुझे ऐ ज़िंदगानी चाहिए, आरज़ू कल आग की थी आज पानी चाहिए,
ये कहाँ की रीत है जागे कोई सोए कोई, रात सब की है तो सब को नींद आनी चाहिए ,- जिन्हें सभी सदस्यों ने भरपूर तालियों से सराहा .. अंत में अशोक सिंह चौधरी द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया



