✍️ 📍ओंकारेश्वर, जिला खंडवा मुकेश शुक्ला आज तक 24 * 7
खंडवा /ओंकारेश्वर
धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण ओंकारेश्वर में इन दिनों टैक्सी माफिया का आतंक श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा दोनों पर भारी पड़ रहा है। प्रतिदिन उज्जैन महाकाल व अन्य शहरों से 500 से 600 प्राइवेट टैक्सियां बिना वैध अनुमति के संचालित हो रही हैं। सप्ताहांत में यह संख्या और भी बढ़ जाती है।
🚖 मनमाना किराया, कोई नियंत्रण नहीं
श्रद्धालुओं से मनमर्जी किराया वसूलने के साथ-साथ इन टैक्सी एजेंटों का दखल धर्मशालाओं, लॉज, दर्शन व्यवस्था और यहां तक कि नाव संचालन तक फैल चुका है। यह स्थिति स्थानीय लोगों और आगंतुकों दोनों के लिए भारी असुविधा का कारण बन रही है।
🚨 बिना लाइसेंस चालकों की भरमार
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, बलवाड़ी, फॉरेस्ट तिराहा और गजानन संस्थान जैसे प्रमुख स्थलों पर ये वाहन अव्यवस्थित रूप से खड़े रहते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और विवाद की स्थिति बनती रहती है। इन वाहनों में अधिकांश चालक बिना ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन-पत्रों के टैक्सी संचालन कर रहे हैं, जो श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
🔎 प्रशासनिक मिलीभगत के आरोप
भाजपा नेता एवं नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष नवल किशोर शर्मा ने आरोप लगाया कि “कुछ फर्जी टैक्सी एजेंट प्रशासन और परिवहन विभाग के कुछ अधिकारियों की शह पर यह अवैध संचालन करवा रहे हैं, विशेष रूप से मांधाता थाना क्षेत्र में।”
🗣 समाजसेवियों की मांग: व्यवस्था सुधारी जाए
समाजसेवी प्रदीप ठाकुर ने कहा—
> “ओंकारेश्वर जैसे तीर्थस्थल पर विधिवत टैक्सी स्टैंड का निर्माण आवश्यक है। केवल पंजीकृत टैक्सी एजेंटों को संचालन की अनुमति दी जाए और बिना दस्तावेज वाली टैक्सियों पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए।”
🗂 प्रशासन का जवाब
खंडवा आरटीओ जगदीश बिल्लौरे ने कहा—
> “यदि प्राइवेट गाड़ियां टैक्सी के रूप में उपयोग हो रही हैं तो यह नियमों का उल्लंघन है। संबंधित वाहन मालिकों पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।”
📢 जनता की अपील
ओंकारेश्वर विकास संघर्ष समिति सहित विभिन्न संगठनों ने जिला प्रशासन व परिवहन विभाग से अविलंब कार्रवाई की मांग की है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन से सख्त एवं स्थायी समाधान की अपेक्षा की जा रही है।



