स्वच्छ ओंकारेश्वर” के नारों के बीच गंदगी का अंबार, गोमुख घाट पर 15 दिन से सड़ रहा कचरा

— मुकेश शुक्ला आज तक 24 * 7

ओंकारेश्वर तीर्थ नगरी में एक ओर जहां प्रशासन “स्वच्छ ओंकारेश्वर – स्वस्थ ओंकारेश्वर” जैसे संदेशों के होर्डिंग और बोर्ड जगह-जगह लगाकर साफ-सफाई को लेकर जागरूकता फैलाने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर गोमुख घाट पर गंदगी की सच्चाई कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

स्थानीय निवासी राजेश यादव ने बताया कि गोमुख घाट पर कचरे की 15-20 दिन पुरानी पोटलियाँ अब सड़ने लगी हैं, लेकिन नगर परिषद शिवम द्वारा अब तक उन्हें उठाने की कोई पहल नहीं की गई है। “कचरे से दुर्गंध आने लगी है, श्रद्धालु परेशान हैं और प्रशासन पूरी तरह उदासीन,” यादव ने कहा।

गोमुख घाट, जो ओंकारेश्वर के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध घाटों में से एक है, वहां की यह स्थिति न केवल तीर्थ क्षेत्र की गरिमा को ठेस पहुंचा रही है, बल्कि आने वाले श्रद्धालुओं में भी नाराजगी का कारण बन रही है।
ओंकारेश्वर के नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष नवल किशोर शर्मा ने गोमो घाट पर 15 से 20 दिन तक कचरे के पोटाले रखे रहते हैं यहां तक कि वह पोटली बदबू तक करने लगते हैं लेकिन प्रशासन को नियमित उठाने की व्यवस्था नहीं है
हर तीसरे दिन मां नर्मदा में तैरता कचरा
राजेश यादव ने बताया कि घाटों पर कचरा फेंकने की घटनाएं आम हैं। “आज जो कचरे की फोटो छपी है, वह यहां की लगभग हर तीसरे दिन की स्थिति है,” उन्होंने कहा। घाटों पर नियमित सफाई न होने से श्रद्धालुओं को मां नर्मदा में स्नान करते समय भी असुविधा होती है।
नगर पंचायत के स्वच्छता दरोगा जी तो हटवाल का कहना है कि पोटाले हटाने का कार्य चल रहा है आज ही सब हटा दिए जाएंगे कचरा वाहन गोमुख घाट पर ले जाने में मुश्किल होती है तथा नगर पंचायत के पास कर्मचारी भी नहीं है ओंकारेश्वर के नाले एवं नालियों की सफाई का कार्य भी वर्षा कल के पूर्व चल रहा है

प्रशासनिक दावे और जमीनी सच्चाई में अंतर
यह स्थिति प्रशासन के उन दावों पर सवाल खड़े करती है, जिसमें स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताई जाती है। नगर परिषद के “सफाई मित्र” या अन्य जिम्मेदारों द्वारा नियमित निरीक्षण न किए जाने से यह समस्या दिन-प्रतिदिन और गंभीर होती जा रही है।

श्रद्धालुओं और नागरिकों की मांग
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि गोमुख घाट और अन्य प्रमुख स्थलों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, और पोटलियों में बंद कचरे को शीघ्र उठाया जाए ताकि स्वच्छता के सरकारी दावों में वास्तविकता भी दिखे।

 

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Author: aajtak24x7

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