मुकेश शुक्ला
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“प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती” – इस कहावत को सच कर दिखाया है मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली युवा कुंदन शाह ने, जिन्होंने न केवल अपने परिवार, बल्कि संपूर्ण प्रदेश और देश का नाम भी रोशन किया है। वे सबसे कम उम्र के अंक ज्योतिषाचार्य बनकर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में स्थान बनाने वाले युवाओं में शुमार हो गए हैं।
कुंदन शाह ने बताया कि वेदों में वर्णित वेदांग छह प्रकार के होते हैं, जिनमें से एक है ज्योतिष वेदांग। इसी का एक अंग है अंक ज्योतिष, जिसकी ओर उनकी रुचि बचपन से ही रही। उन्होंने अंक ज्योतिष का गहन अध्ययन महंत मंगलदास त्यागी महाराज के मार्गदर्शन में किया, जिनके सान्निध्य और आशीर्वाद से कुंदन ने इस क्षेत्र में निपुणता प्राप्त की।
अपनी यात्रा के दौरान कुंदन शाह की मुलाकात वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन के वाइस प्रेसिडेंट राजू श्रीवास्तव से हुई। राजू श्रीवास्तव ने उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड संस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लगभग तीन माह के चयन और परीक्षण की प्रक्रिया के बाद यह तय हुआ कि कुंदन शाह को “सबसे कम उम्र के अंक ज्योतिषाचार्य” के रूप में मान्यता दी जाएगी।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि का सर्टिफिकेशन कार्यक्रम इंदौर के एक होटल में आयोजित किया गया। कुंदन शाह ने इस अवसर पर कहा, “इस उपलब्धि का पूरा श्रेय मैं अपने माता-पिता और अपने गुरु महंत मंगलदास त्यागी को देता हूं। उनके आशीर्वाद के बिना यह संभव नहीं था।”
अंत में कुंदन ने देश के विद्यार्थियों और युवाओं को संदेश देते हुए कहा, “सच्ची मेहनत, लगन और धैर्य से किया गया कोई भी कार्य व्यर्थ नहीं जाता। सफलता निश्चित मिलती है – बस आपके प्रयास सच्चे और समर्पित होने चाहिए।”
कुंदन शाह की यह उपलब्धि न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह यह भी दर्शाती है कि भारतीय युवा पारंपरिक ज्ञान के क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।



