बिगड़ते हुए पर्यावरण एवं वन विनाश की कगार पर होने से वन्य प्राणियों की संख्या नहीं के बराबर हो रही है

मुकेश शुक्ला आज तक 24 * 7 खंडवा /

ओंकारेश्वर विश्व विख्यात सुप्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक ओंकार ममलेश्वर मां नर्मदा के तट के ऊपर स्थित है और यह एक ओंकार द्वीप के नाम से भी जाना जाता है यहां का प्राकृतिक सौंदर्य आने वाले श्रद्धालु एवं पर्यट को का मन मोह लेने वाला दिखलाई पड़ता था मगर विकास के नाम पर ओमकार पर्वत दीप सहित आसपास का वातावरण बिगड़ते हुए पर्यावरण के चलते हुए एवं भारी संख्या में अनेक प्रजातियों के विशाल वृक्ष काट दिए जाने के कारण आज ओकार नगरी अपनी पहचान एवं अस्तित्व खोती हुई दिखाई पड़ रही है विगत 25 वर्षों में यहां का प्राकृतिक सौंदर्य पूर्ण रूप से नष्ट होता हुआ दिखाई दे रहा है स्थानीय उम्र दराज नागरिकों का कहना है कि एक समय यहां पर अनेक प्रजातियों के पक्षी दिखलाई देते थे सैकड़ो की संख्या में जंगल में राष्ट्रीय पक्षी मोर विचरण करते थे यहां पर तीन प्रजातियों के वानर भी देखे जाते थे आज वह भी वन विनाश एवं बढ़ाते हुए प्रदूषण के कारण अंतिम कगार पर पहुंच चुके हैं अगर ऐसे ही हालात बने रहे तो प्राकृतिक सौंदर्य और अपनी विशेष ओम आकृति के रूप में दिखाई देने वाला संपूर्ण ओकार क्षेत्र वन विहीन हो जाएगा अनेक पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि शासन प्रशासन को विकास के साथ ही वनों की रक्षा भी की जानी चाहिए जिससे समूचा तीर्थ क्षेत्र अपनी खोई हुई पहचान फिर स्थापित कर सके। *वन मंडल संरक्षक खंडवा को चाहिए कि वह विस्तृत रूप से तीर्थ क्षेत्र में अच्छे प्रजातियां के वृक्षों का रोपण करें और उन्हें संरक्षित रखने के लिए भी विशेष कर्मचारी की देखभाल हेतु ड्यूटी निर्धारित करें तब ही जाकर ओकार तीर्थ क्षेत्र संपूर्ण प्राकृतिक सौंदर्य से अभी भूत हो सकेगा। *शासन प्रशासन विकास कार्यों के निर्माण दौरान प्राकृतिक धरोहर का भी विशेष ध्यान रखें जिससे द्वादश ज्योतिर्लिंग अपने मूल स्वरूप प्राकृतिक वातावरण मैं बने रहेगा* यहां पर हो रहे अतिक्रमणों पर भी शासन प्रशासन को कड़ी नजर रखनी चाहिए शासन प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार तीर्थ नगरी में 80 प्रतिशत आबादी अतिक्रमण के दायरे में आती है और यह बढ़ता हुआ जा रहा है जिससे यहां आने वाले लाखों हजारों श्रद्धालु को आवा गमन में भारी दिक्कतें परेशानियां उठानी पड़ रही है वहीं प्रशासन भी व्यवस्थाओं को लेकर उलझा हुआ दिखाई पड़ता है

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Author: aajtak24x7

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