आर. चंद्रा ब्यूरो चीफ


औरैया 21 जुलाई 2025/ जिलाधिकारी डॉ0 इंद्रमणि त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में भू जल सप्ताह के तहत आयोजित गोष्ठी में सभी संबंधितों को निर्देशित किया कि शासन द्वारा जनहित में संचालित लाभपरक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर संचालित किए जाने हेतु उनका अधिकाधिक प्रचार प्रसार कराते हुए आमजन को जोड़ा जाए जिससे योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों को पात्रता के अनुरूप मिले और शासन की मंशा तथा योजना की सार्थकता सिद्ध हो सके। उन्होंने कहा कि भूजल का अनावश्यक रूप से दोहन न हो इसके लिए हम सभी की जिम्मेदारी है कि इसके उपयोगिता के संबंध में आमजन को जागरूक करें जिससे वह अनावश्यक रूप से जल की बर्बादी न करें और आवश्यकतानुसार ही उसका प्रयोग करें हम सभी को चाहिए की भूजल अनावश्यक रूप से बर्बाद न हो इसके लिए जल संचयन किए जाने के उपाय भी करें जिससे दोहन हुए जल की पूर्ति हो सके और भविष्य में होने वाली आवश्यकता के अनुरूप अग्रिम पीढ़ी को भी शुद्ध जल मिल सके।
जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि वह विद्यालय तथा ग्राम पंचायत भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली सुनिश्चित कराये। उन्होंने विनियमित क्षेत्र तथा जिला पंचायत द्वारा भवन निर्माण हेतु होने वाले भवनों के नक्शा पास करने में यह सुनिश्चित करें कि नए भवन निर्माण में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली को प्रत्येक दशा में लागू किया जाए। इस अवसर पर डीसी मनरेगा को निर्देश दिए कि वह ग्राम में स्थित तालाबों की सूची प्राप्त कर तालाबों का चिन्हांकन करते हुए उनके जीर्णोद्धार आदि का कार्य मनरेगा द्वारा कराये जिससे अधिकाधिक जल संचयन संभव हो और भूजल के दोहन से होने वाली कमी को संचयन के माध्यम से कुछ सीमा तक पूर्ण किया जा सके।
गोष्ठी में भूमि संरक्षण अधिकारी, दिबियापुर एवं औरैया ने विभाग द्वारा संचालित योजना ‘‘खेत तालाब योजना’’ के सम्बन्ध में जानकारी दी कि जनपद में 09 खेत तालाबों का निर्माण कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। जिसकी लागत रू0,1.05 लाख है तथा खेत तालाब पर रू0, 52500 अनुदान अनुमन्य है।
गोष्ठी में जिला उद्यान अधिकारी ने विभाग द्वारा संचालित की जा रही योजनाओं के विषय में विस्तृत जानकारी दी गयी तथा 577 हैक्टेयर भूमि स्प्रिंकलर प्रणाली स्थापित कर सिंचित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
गोष्ठी में सहायक जिला वनाधिकारी ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में 45 लाख पौधे लगाये जाने हैं तथा मृदा क्षरण को रोकने हेतु नदियों के किनारे भी वृक्षारोपण किया जायेगा।
सहायक अभियन्ता, लघु सिंचाई द्वारा वर्षा जल का सदुपयोग एवं संवर्धन हेतु इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद के 27 विद्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना की जायेगी जिससे वर्षा जल का सदुपयोग एवं भूजल स्तर में बढोत्तरी होगी।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी सतीश कुमार पाण्डेय, सहायक अभियन्ता, लघु सिंचाई,सहायक वनाधिकारी,जिला उद्यान अधिकारी,भूमि संरक्षण अधिकारी, दिबियापुर एवं औरैया सहित संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



