धरना प्रदर्शन अतुल मल्होत्रा ब्यूरो रिपोर्ट
मेला व्यापारी संघ ने कहा: तत्काल बने प्राधिकरण बोर्ड ताकि अफसर राज खत्म होकर ऐसे तुगलकी फरमानों पर लगे विराम
ग्वालियर। श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला की 75 प्रतिशत दुकानों को ईं टेंडर के माध्यम से आवंटित किए जाने के मेला प्राधिकरण बोर्ड के निर्णय से मेला में विगत कई पीढ़ियों से दुकानें लगाते आ रहे पारंपरिक व्यापारियों एवं दुकानदारों में उपजा आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मेला व्यापारियों ने प्राधिकरण के इस प्रस्ताव को अपने पारंपरिक व्यापार व्यवसाय पर चोट के साथ ही ग्वालियर की सवासौ साल पुरानी ऐतिहासिक विरासत पर भी प्रहार निरूपित किया है। मेला व्यापारियों ने उक्त निर्णय शीघ्र वापस लिए जाने की मांग करते हुए मेला प्राधिकरण पर दवाब बनाने के लिए कल मंगलवार, 22 जुलाई को दोपहर 1 से 3 बजे तक मेला प्राधिकरण मुख्यालय धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। मेला व्यापारियों का दावा है कि यह धरना प्रदर्शन जंगी होगा और इसमें मेला व्यापारियों के अलावा शहर के अन्य व्यापारी संगठन और शहरवासी भी सम्मिलित होंगे।
धरना प्रदर्शन से भी बात नहीं बनी तो उठाएंगे अन्य कठोर आंदोलनात्मक कदम
श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया, संयोजक उमेश उप्पल। सचिव महेश मुदग़ल, संयुक्त अध्यक्ष व प्रवक्ता अनिल पुनियानी, ने आज कहा कि यदि उस धरना प्रदर्शन से भी बात नहीं बनी तो अन्य कठोर आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने मेला प्राधिकरण के कर्ताधर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि इससे पहले कि यह आंदोलन उग्र रूप धारण करे, मेला प्राधिकरण को तत्काल प्रभाव से यह व्यापार विरोधी फैसला वापस ले लेना चाहिए। ग्वालियर का व्यापार जगत यह निर्णय बदलवाने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। मेला व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह नई तुगलकी प्रक्रिया अपनाए जाने पर उन्हें मेला व्यापारियों को दुकान आवंटन में भविष्य में होने वाली असुविधा एवं समस्याओं की आशंका सता रही है। मेला व्यापारी अभी शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे हैं। इसी लिए विरोध स्वरूप कल मंगलवार, 22 जुलाई को दोपहर 1 से 3 बजे तक मेला प्राधिकरण मुख्यालय पर यह शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है।
प्राधिकरण बोर्ड के बिना ग्वालियर मेला ब्याहता स्त्री की सूनी मांग जैसा हो गया
श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया, सचिव महेश मुदग़ल, संयुक्त अध्यक्ष व प्रवक्ता अनिल पुनियानी, संयोजक उमेश उप्पल सहित सभी व्यापारी नेताओं ने मेला प्राधिकरण बोर्ड का गठन भी अविलंब करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण बोर्ड के बिना ग्वालियर मेला ब्याहता स्त्री की सूनी मांग जैसा हो गया है। पिछले सात साल से मेला प्राधिकरण में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की नियुक्ति नहीं होने से मेला का कोई धनीधोरी नहीं है और यहां सिर्फ अफसर राज चल रहा है। मेला प्राधिकरण की कमान तत्काल व्यापार, व्यवसाय, राजनीति या समाजसेवा के क्षेत्र से जुड़े ईमानदार, कर्मठ एवं सक्रिय जनप्रतिनिधियों के हाथों में सौंपने की सख्त आवश्यकता है तभी अव्यावहारिक फैसलों का सिलसिला रुकेगा और व्यापारियों के हित में निर्णय लिए जा सकेंगे। दुकान आवंटन की ईटेंडर प्रक्रिया अपनाए जाने से मेला व्यापारियों की दुकानों पर मंडरा रहे इस संकट को लेकर मेला व्यापारी संघ अपनी चिंताओं से वरिष्ठ जनप्रतिधिनियों को अवगत करा चुका है एवं उक्त नया प्रोसीजर रद्द करने की मांग की है। मेला व्यापारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि मेला में दुकान आवंटन की वही प्रक्रिया अनवरत जारी रखी जाए जो पिछली एक सदी से मेला में जारी रखी गई है।
वरिष्ठ मंत्रियों, सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को बता चुके हैं व्यथा
मेला व्यापारी संघ ने ज्ञापन पत्र के माध्यम से अपनी चिंताओं से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया, मप्र विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश के एमएसएमई मंत्री व मेला प्राधिकरण के पदेन अध्यक्ष चेतन कश्यप, प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद भारत सिंह कुशवाह, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल एवं संभागीय आयुक्त मनोज खत्री को अवगत कराया है। ये ज्ञापन पत्र मेला सचिव के कार्यालय के जरिए प्रेषित किए गए हैं। इसी प्रकार भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को भी मेला व्यापारी संघ ने अपनी चिंताओं से अवगत कराया था।
व्यापारियों से तत्काल पैसा जमा कराकर दुकानें आवंटित की जाएं
श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया, सचिव महेश मुदग़ल, संयुक्त अध्यक्ष व प्रवक्ता अनिल पुनियानी ने मांग कि मेला में विगत वर्ष दुकानें लगाने वाले व्यापारियों से तत्काल पैसा जमा कराकर उन्हें दुकानें आवंटित की जाएं। मेला व्यापारी संघ को ऑनलाइन प्रक्रिया पर कोई एतराज नहीं है लेकिन ईटेंडर प्रोसेस को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
चार पांच सदस्यों की वर्चुअल बैठक में इतना गंभीर निर्णय लेना आश्चर्यप्रद
मेला व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि मेला प्राधिकरण के कर्ताधर्ताओं ने चार पांच सदस्यों की वर्चुअल बैठक बुलाकर मेला व्यापारियों के भविष्य और मेला की शानदार विरासत को प्रभावित करने वाला इतना महत्वपूर्ण निर्णय ले लिया जबकि इस तरह के व्यापक निर्णय के लिए प्राधिकरण की पूर्ण बैठक में लिए जाते हैं। निर्णय से पूर्व मेला व्यापारी संघ का भी पक्ष सुना जाना था लेकिन मेला प्राधिकरण इस बात से वाकिफ था कि पूर्ण बैठक में इस तरह का अव्यावहारिक निर्णय कभी पारित हो ही नहीं सकता था।
यदि शिकमी दुकानदार हैं तो जांच कर निरस्त किए जाएं
मेला व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने मेला प्राधिकरण के अव्यावहारिक एवं असंवेदनशील निर्णय की आलोचना करते हुए कहा कि व्यापार मेला की 75 प्रतिशत दुकानों को ईं टेंडर के माध्यम से आवंटित किया जाना और सिर्फ 25 प्रतिशत दुकानें ही पुराने दुकानदारों को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित करना कहीं से भी उचित नहीं है। मेला व्यापारी संघ के मुताबिक हो सकता है कि मेला में पांच प्रतिशत शिकमी दुकानदार हों, अथवा वे दुकानों का गलत तरह से हेरफेर करते हों लेकिन उनके इस कृत्य की सजा सभी सौ प्रतिशत दुकानदारों को नहीं दी जा सकती है। मेला व्यापारी संघ ने कहा कि ग्वालियर मेला में यदि शिकमी या नकली दुकानदार है तो उसकी जांच कर उनके आवंटन निरस्त किए जाएं। निष्पक्ष जांच कराने का दायित्व मेला प्राधिकरण का है। व्यापारी संघ ने अपने इस मत को दोहराया कि मेला में दुकान आवंटन की वही प्रक्रिया अनवरत रखी जाए जो पिछले 119 साल से मेला में जारी है। अधिकांश दुकानदार आधुनिक तकनीक से अनभिज्ञ हैं, नतीजन ई टेंडर करने से पीढ़ी दर पीढ़ी दुकानें लगाते आ रहे पारम्परिक दुकानदार वंचित रह जाएंगे क्योंकि अधिक बोली लगाने वाले लोग दुकानें हासिल कर लेंगे। मेला प्राधिकरण बोर्ड को यह ध्यान में रखना चाहिए कि मेला आयोजन का उद्देश्य सरकार द्वारा मुनाफा कमाना नहीं बल्कि ग्वालियर मेला के जरिए व्यापारिक एवं सांस्कृतिक वातावरण विकसित करना है।
महान सिंधिया शासकों द्वारा स्थापित गौरवशाली विरासत की रक्षा जरूरी
श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया एवं संयुक्त अध्यक्ष व प्रवक्ता अनिल पुनियानी ने मांग की है कि उक्त निर्णय शीघ्र वापस लेकर मेला व्यापारियों की चिंता एवं असमंजस को दूर किया जाए तभी ग्वालियर के महान सिंधिया शासकों द्वारा स्थापित इस ऐतिहासिक ग्वालियर व्यापार मेला की सवा सौ साल पुरानी गौरवशाली विरासत की रक्षा, संरक्षण और संवृद्धि हो सकेगी तथा ग्वालियर के व्यापारिक क्षेत्र में स्वच्छ, सुखद और सकारात्मक वातावरण निर्मित होगा।
मांग करने वालों में मेला व्यापारी संघ के सह संयुक्त अध्यक्ष जगदीश उपाध्याय, कार्यकारी अध्यक्ष अनुज सिंह गुर्जर, हरिकांत समाधियां आदि शामिल हैं।
प्रेषक
महेन्द्र भदकारिया, अध्यक्ष
श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ, ग्वालियर



