अतुल मल्होत्रा ब्यूरो रिपोर्ट
ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष अशोक शर्मा ने मेला व्यापारियों की मांगों को पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि यह महान सिंधिया परिवार की विरासत है। इस विरासत को नुकसान पहुंचाने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी और व्यापारियों के साथ कदमताल करते हुए जवाब दिया जाएगा। लंबे समय तक ग्वालियर मेला प्राधिकरण की कमान संभाल चुके अशोक शर्मा ने कहा कि ग्वालियर में 119 वर्ष पहले श्रीमंत माधौराव सिंधिया प्रथम ने ग्वालियर के व्यापार एवं संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सागरताल के समीप ग्वालियर मेला की शुरुआत की थी। बाद में सिंधिया शासकों ने रेसकोर्स रोड पर करीब सवासो एकड़ जमीन आवंटित कर सुसज्जित दुकानें, पेयजल आदि की व्यवस्था कर ग्वालियर मेला को नई पहचान दिलाई। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया ने दिल्ली मेला अथॉरिटी के चेयरमैन मौहम्मद युनुस को ग्वालियर मेला का भ्रमण कराकर ट्रेड फेयर का दर्जा दिलाया। अशोक शर्मा ने इस बात को अपने लिए सौभाग्य बताया कि नब्बे के दशक में स्व. माधवराव सिंधिया की अध्यक्षता में मेला प्राधिकरण के गठन के समय उन्हें उनके साथ उपाध्यक्ष पद का दायित्व दिया गया। उन्होंने स्व. सिंधिया की प्रेरणा से यहां नई दुकानें बनवाईं और कई नए सांस्कृतिक कार्यक्रम जोड़े।



