
अमित वर्मा प्रदेश ब्यूरो आज तक न्यूज़ 24×7
करेली-। १०० सालों तक भारत अंग्रेजों की गुलामी में था और आजादी पाने के लिये भारत के अनगिनत लाखों लोगों नें जान की कुर्बानी दी तब देश आजाद हुआ। गुलामी से आजादी पाने के लिये खुशियों का पर्व स्वतंत्रता दिवस है जिसे देश के हर संस्था और नागरिकों को मनाने का कर्तव्य समझना चाहिए। सरकार ने आजादी की महत्वपूर्णता को देश के हर दिलों में जगाने के लिए घर-घर झंडा फहराने की मुहिम चलाई है ताकि हर व्यक्ति आजादी मिलने की महत्वपूर्णता को समझे कि आजादी पाने के लिए अनगिनत मां ने बेटा अनगिनत पत्नियों ने सुहाग की कुर्बानी दी है तब जाकर हम गुलामी से आजाद हुए हैं किन्तु इस मुहिम को करेली के अधिकांश बैंकों ने नहीं समझा और आजादी पर्व को छुट्टी का दिन समझ लिया।करेली में लगभग 16 बेंक है जिनमें से 6 बेंकों में झंडा फहराया गया है बाकी के 10 बैंक ने झंडा नहीं फहराया है। हमारे संवाददाता ने जब स्थानीय लोगों से बातचीत की तो नाम ना बताने की शर्त पर उनका कहना है कि बेंक मेनेजर और कर्मचारियों ने आजादी पर्व को छुटटी का दिन समझकर इंटरटेनमेंट कर एंज्याय किया है। आजादी का मतलब उनसे पूछो जिनने अग्रेंजो की गुलामी में दिन गुजारें है,अगर देश के लोगों ने आजादी के लिये अपनी जान नही दी होती तो आज हम भारतीय अंग्रेजों के घरों में लेटरीन की साफ सफाई कर रहे होते। करेली के देशभक्त बताते है कि इन सभी बैंकों में हर साल आजादी पर्व के दिन झंडा फहराया नही जाता है जब हम लोगों ने बैंक में झंडा नहीं फहराने पर बैंक के मेनेजर से पूछा तो उनका कहना होता है कि हमारे हेड आफिस मे झंडा फहरा दिया जाता है। बैंकों में झंडा ना फहराने के लिए लोगों ने तर्क दिया कि भारतीय स्टेट बैंक,सेंट्रल बैंक आफ इंडिया,म.प्र.सेंट्रल ग्रामीण बेंक,बैंक आफ इंडिया के हेड आफिस में झंडा फहराया जाता है फिर भी इन सभी बेंको में स्थानीय जगह पर झंडा फहराया गया है। क्या आर बी आई ने बेंको के लिये अलग अलग नियम बनाये गये है कि कुछ बेंक आजादी पर्व को मनायें और बाकी के बैेंक स्वतंत्रता दिवस के दिन को छुट्टी समझकर स्वतंत्र रहें और उस दिन को इंजॉयमेंट का दिन बना लें? बैंक आफ बड़ोदा,यूनियन बैंक,येस बैंक,आई सी आई,इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक,इंडियन बैंक, पंजाब बैंक,एचडीएफसी बैंक,केनरा बैक और सेंट्रल बैंक आफ इंडिया गोगाहवरी में ध्वजारोहण नहीं किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आजादी पर्व के दिन झंडा ना फहराने के लिए इन बैंकों के मैनेजर और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि अगली बार आजादी पर्व पर दी गई कुर्बानी की कीमत समझे की कैसे देश को आजादी मिली है।



