भोपावर ( सरदारपुर )
जिला ब्यूरो दिलीप पाटीदार

बड़केश्वर महादेव गौशाला मंदिर भोपावर में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जैविक खाद बनाने की पहल शुरू की गई है। मंदिर प्रबंधन समिति ने बताया कि गौशाला में उपलब्ध गोबर और अन्य जैविक अपशिष्ट से उच्च गुणवत्ता की खाद तैयार की जाएगी।
इस पहल से न केवल किसानों को सस्ती और प्राकृतिक खाद उपलब्ध होगी, बल्कि रासायनिक खाद पर निर्भरता भी कम होगी। साथ ही, यह प्रयास स्थानीय स्तर पर स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगा।
जैविक खेती केवल एक कृषि पद्धति नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने का तरीका है। यह हमें स्वस्थ भोजन, स्वच्छ पर्यावरण और टिकाऊ कृषि व्यवस्था प्रदान करती है। यदि हर किसान थोड़ी-थोड़ी जमीन पर भी जैविक खेती शुरू करे, तो आने वाली पीढ़ियों को रसायन-मुक्त अन्न और स्वच्छ जल मिल सकेगा।
आज के समय में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की गुणवत्ता घट रही है, जल स्रोत प्रदूषित हो रहे हैं और खाने में रसायनों के अवशेष से लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में जैविक खेती एक स्थायी और सुरक्षित विकल्प बनकर उभरी है।
गौ शाला समिति के अध्यक्ष विजय पाटीदार ने ग्रामीणों और किसानों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने और जैविक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से आसपास के क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और कृषि उत्पादन भी बेहतर होगा।



