शिक्षक दिवस पर हुआ कविता की पाठशाला का लोकार्पण

आर. चंद्रा ब्यूरो चीफ

औरैया के परिषदीय अध्यापकों का लगातार तीसरे वर्ष कविता संकलन
  कविता मनुष्य में सुसंस्कार जाग्रत करते हुये उसे संस्कारवान बनाती है। कवितायें मनुष्य की सूक्ष्म संवेदनाओं को शब्दों के माध्यम से आकार देने का काम करती हैं। बेसिक शिक्षा विभाग औरैया जनपद में कार्यरत काव्य सृजनशील अध्यापकों ने अपने छात्रों, विभागीय योजनाओं को ध्यान रखते हुए कविताओं को सृजित कर नव प्रयास किया है।
    आज से तीन वर्ष पूर्व शुरू हुए इस अभियान के विगत दो वर्षों में दो संकलन शिक्षक काव्य मंजूषा व शैक्षिक काव्य मंजूषा प्रकाशित हो चुके हैं। इस वर्ष इस संकलन कविता की पाठशाला के नाम से शिक्षक दिवस पर मानस सभागार जिलाधिकारी डॉ इंद्रमणि त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार, डायट प्राचार्य जीएस राजपूत, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप मौर्या व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार द्वारा विमोचन किया गया।
   इस संकलन में बच्चों व अध्यापकों के लिए प्रेरणादायक व सामाजिक विमर्श की कविताएं संकलित हैं। पुस्तक के संपादक अध्यापक प्रशांत अवस्थी ने बताया कि इस वर्ष इस संकलन में औरैया जनपद में कार्यरत तेरह अध्यापकों की कविताएं शामिल हुई हैं। इन संकलनों में अध्यापकों के साथ-साथ हमारे विभागीय अधिकारियों का भी मार्गदर्शन मिलता है।
  संकलन में सम्मिलित अध्यापक –
गुंजन शुक्ला, पूनम पोरवाल पूर्णिमा, पूजा तिवारी, कृष्ण कुमार गौतम, अर्चना यादव, पंचशीला, सुनील कुमार, अखिल कुमार, सपना सिंह, रचना शुक्ला, विनय कुमार वर्मा, प्रशांत अवस्थी प्रखर, आदर्श द्विवेदी

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