आर. चंद्रा ब्यूरो चीफ

शिक्षाग्रह: आओ स्कूल चलें’ अभियान और बुकलेट का हुआ विमोचन
प्रतिदिन विद्यालय आने वाली छात्रा माही सिंह को मिला विशेष पुरस्कार, जिलाधिकारी ने बनाया कार्यक्रम का मुख्य अतिथि।
शिक्षा को जन आंदोलन बनाने का लिया संकल्प, विद्यालयों को ज्ञान केंद्र बनाने पर जोर
औरैया 05 सितंबर 2025/शिक्षक दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में आयोजित भव्य समारोह में जिले के बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में विशेष कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर शिक्षकों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और सभी को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। विशेष पहल के तहत कार्यक्रम में प्रतिदिन विद्यालय आने वाली छात्रा माही सिंह को मुख्य अतिथि बनाया गया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सुरेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी सतीश पाण्डेय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने भी शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. त्रिपाठी ने “शिक्षाग्रह: आओ स्कूल चलें” अभियान का शुभारंभ कर इसकी बुकलेट का विमोचन किया। उन्होंने बताया कि जिले के परिषदीय विद्यालयों में बड़ी संख्या में बच्चे नियमित रूप से विद्यालय नहीं आते, जिससे उनका शैक्षिक विकास बाधित होता है। इस समस्या को दूर करने और शिक्षा को जन आंदोलन का रूप देने के लिए इस अभियान की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना, विद्यालय त्याग (ड्रॉपआउट) रोकना, अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान के माध्यम से विद्यालयों को ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे बच्चों के सीखने की क्षमता और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने न्याय पंचायत स्तर पर विभिन्न नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की भी घोषणा की।
समारोह में विद्यालयों के कायाकल्प और शिक्षा व्यवस्था में योगदान देने वाले 7 ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विद्यालयों में नियमित उपस्थिति दर्ज करने वाले 7 बच्चों और उनके अभिभावकों को भी सम्मानित कर प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में 13 शिक्षकों द्वारा लिखित “कविता की पाठशाला” पुस्तक का विमोचन किया गया। जिलाधिकारी ने पुस्तक का संपादन करने वाले शिक्षक प्रशांत अवस्थी ‘प्रखर’ और सभी 13 रचनाकार शिक्षकों को सम्मानित किया। इसके साथ ही मिशन ज्योतिर्गमय के अंतर्गत शिक्षक प्रशिक्षण का मॉड्यूल तैयार करने वाले एसआरजी सुभाष रंजन द्विवेदी, सुनील दत्त राजपूत और प्रशांत अवस्थी को भी सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान जिले के परिषदीय विद्यालयों के शैक्षिक और भौतिक परिवेश को सकारात्मक रूप से बदलने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सुरेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी सतीश कुमार पाण्डेय, डाईट प्राचार्य जी एस राजपूत, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार मौर्य, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार, डीसी माध्यमिक दीपक द्विवेदी, डीसी बेसिक सौरभ गुप्ता, मयंक उदेनिया, प्रमोद कुमार, नमन पाण्डेय, कुलदीप सचान, खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार, अलकेश सकलेचा और अजय विक्रम सिंह सहित जिले के सैकड़ों शिक्षक व शिक्षा विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



