*राज्य स्तरीय संस्कृत प्रतिभा खोज कार्यक्रम संस्थान के सभागार में गरिमामय वातावरण में संपन्न हु*
लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय संस्कृत प्रतिभा खोज कार्यक्रम संस्थान के सभागार में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश भर से चयनित प्रतिभागियों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंगलाचरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। संस्थान के निदेशक विनय श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि “संस्कृत केवल भाषा नहीं, अपितु भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की जीवनरेखा है। इस प्रकार के आयोजनों से नई पीढ़ी संस्कृत से आत्मीय रूप से जुड़ती है।”
प्रतियोगिता में संस्कृत गीत, संस्कृत भाषण एवं संस्कृत सामान्य ज्ञान जैसे विविध आयामों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अंत में विजेताओं को सम्मानित करते हुए मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि “संस्कृत की समृद्ध परंपरा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए ऐसी प्रतियोगिताएं अत्यंत आवश्यक हैं। यह प्रयास निश्चित ही आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।” कार्यक्रम से लौटे डॉo अंशुल दुबे ने बताया इस कार्यक्रम में सम्पूर्ण प्रदेश की संस्कृत प्रतिभाओं को सुनने का यह अनुभव रोमांचकारी रहा। यहां विविध अध्ययन क्षेत्र जैसे विज्ञान, कॉमर्स, तकनीकि का भी वर्चस्व देखने को मिला। प्रतिभागियों की इतनी अच्छी संख्या बयां करती है कि *संस्कृत ग्लोबल लैंग्वेज* बनने की ओर अग्रसर हो चुकी है। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक आई ए एस विनय श्रीवास्तव द्वारा डॉo अंशुल दुबे, विभागाध्यक्ष, संस्कृत विभाग, तिलक महाविद्यालय औरैया को उनकी विशिष्ट संस्कृत सेवा हेतु स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। *जयतु संस्कृतम् जयतु भारतम्*



