
सिंगरौली/चितरंगी -देश के भीतर संचालित स्कूलों में 12 सितंबर को उमंग दिवस का कार्यक्रम मनाया जाना निर्धारित था,जहाँ मध्यप्रदेश के स्कूलों में भी 12 सितंबर को उमंग दिवस मनाया गया,साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित जीवन कौशलों से बच्चों को परिचित कराना ताकि वे जीवन की चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकें। उमंग दिवस का उल्लेख मिलता है जो यह भारत सरकार की एक राष्ट्रीय परियोजना है जिसका उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है,उमंग है तो जिंदगी में रंग है की इस थीम पर आधारित उमंग दिवस का आयोजन 12 सितम्बर को प्रदेश के हाई स्कूलों एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का लाभ अधिक बच्चों को मिलेगा।
जिसको दृष्टिगत रखते हुए 12 सितंबर को शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चितरंगी में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत प्राचार्य कामता प्रसाद तिवारी के मुख्य आतिथ्य में विद्यालय के प्राचार्य जगजीवन भारती की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।वहीं विद्यार्थियों के द्वारा की गई गतिविधि भाषण व निबंध लेखन के साथ-साथ रंगोली का भी अवलोकन किया गया,जहां स्वास्थ्य विभाग से जगदीश सिंह एवं टीम द्वारा उमंग दिवस के उपलक्ष में विद्यार्थियों को आवश्यक जानकारी देते हुए स्वस्थ रहने खुश रहने के संबंध में जानकारी प्रदान की गई इतना ही नहीं मुख्य अतिथि एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष द्वारा भी यह बताया गया कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमेशा एकाग्र मन के साथ प्रयास करना तथा शरीर को स्वस्थ रखते हुए जीवन में खुशी की अनुभूति करना ही उमंग है।
इस दौरान वरिष्ट शिक्षक रमाशंकर बैस,बब्बू सिंह,पारसलाल सिंह,रामपाल सिंह,अंशुमान सिंह,संतोष कुमार प्रजापति,प्रतीकधर द्विवेदी,अतिथि शिक्षक जितेंद्र कुमार सिंह,सुरेश कुमार बैस,राजेश साहू,परमानंद जायसवाल,जितेंद्र साकेत,उमाशंकर बैस,लिपिक मीना सिंह एवं छात्र-छात्रा मौजूद रहे। विद्यालयीन कार्यक्रमों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र भी वितरित किया गया



