समर्थ उत्तर प्रदेश, विकसित उत्तर प्रदेश /2047 के अंतर्गत संवाद कार्यक्रम का आयोजन तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार मे सम्पन्न हुआ

आर. चंद्रा ब्यूरोचीफ

औरैया 12 सितम्बर 2025– शासन द्वारा आमजनों से देश को सन 2047 तक विकसित भारत के रूप में विश्व पटल पर स्थापित करने के उद्देश्य से उनकी अपेक्षाओं एवं उनके द्वारा चाही जा रही योजनाओं की जानकारी/ सुझावों को प्राप्त करने के उद्देश्य की पूर्ति हेतु जनपद की युवा शक्ति से उद्योग, शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, सामाजिक उत्थान को समाहित करते हुए समग्र विकास, आर्थिक नेतृत्व तथा सांस्कृतिक पुनर्जागरण के विभिन्न घटकों पर समर्थ उत्तर प्रदेश, विकसित उत्तर प्रदेश /2047 के अंतर्गत संवाद कार्यक्रम का आयोजन तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में जनपद नोडल अधिकारी/सचिव लोक निर्माण गुर्राला श्रीनिवासुलु, सेवानिवृत्त आई ए एस राकेश कुमार द्वितीय, सेवानिवृत्त प्रोफेसर/वैज्ञानिक, कृषि विभाग डा0 सुशील कुमार, सेवा निवृत्त मुख्य अभियन्ता लोक निर्माण विभाग विनोद कुमार श्रीवास्तव, प्रोफेसर लखनऊ विश्वविद्यालय डा0 अनुराग के0 श्रीवास्तव की गरिमामई उपस्थित में संपन्न हुआ।
संवाद सत्र की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया गया तत्पश्चात जिलाधिकारी डॉ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने सभी जनपद नोडल अधिकारी/ प्रबुद्धजनों को पुष्प भेंट कर स्वागत किया। महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा मॉ सरस्वती की वन्दना एवं अतिथियों के स्वागत की परम्परा का निर्वाहन करते हुए स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
सत्र के दौरान जनपद नोडल अधिकारी/सचिव लोक निर्माण गुर्राला श्रीनिवासुलु ने कहा कि आप सभी ने अपनी जो समस्या रखी हैं उनका निराकरण करने हेतु उपायों को भी प्रस्तुत करें तभी विकसित प्रदेश के साथ-साथ जनपद का भी विकास होगा। उन्होने कहा कि मोबाइल का प्रयोग उचित तथा सार्थक दिशा में कार्य करें तथा योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ लिया जाए और मोबाइल का प्रयोग कर क्यूआर कोड के माध्यम से अपनी सोच से शासन को रूबरू करायें। आप लोग जब तक आगे नहीं आएंगे इसका कोई लाभ नहीं है।
छात्र-छात्राओं से संवाद करते सेवानिवृत्त आई ए एस राकेश कुमार द्वितीय ने संगोष्ठी का मंतव्य और रूपरेखा की जानकारी देते हुए कहा कि देश को 2047 तक विकसित करने में आपके सुझाव के माध्यम से अपना सक्रिय सहयोग दें। पुस्तक के माध्यम से विकसित भारत की परिकल्पना से संबंधित सेक्टरों की जानकारी दी गई है इसे और बेहतर बनाने हेतु अपने अमूल्य सोच को कार्य करते हुए आगे लाये।
संवाद कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर अपने विजन को शासन तक पहुंचाएं और सामाजिक/ आर्थिक परिवर्तन कर उनका उत्थान करने हेतु, महिलाओं को सशक्त और आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए क्या करना चाहिए। उन्होने कहा कि नई शिक्षा नीति में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया गया है जोकि आज के सामाजिक परिवेश को ध्यान में रखा गया है शिक्षा में वास्तविक शिक्षा को अंगीकृत किया गया है जिससे विद्यार्जन के बाद वह अपने आपको सामाजिक स्तर में स्थापित कर सके।
प्रोफेसर लखनऊ विश्वविद्यालय डा0 अनुराग के0 श्रीवास्तव ने कहा कि अपनी सोच बात कर नीतियों के योगदान दें यह मौका मिला है इसका सदुपयोग कर समस्या के साथ उसके निराकरण/ निस्तारण भी लिखें एक स्वस्थ्य और सभ्य समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।
शिक्षक सियाराम ने कहा कि 2020 में शिक्षा में क्रांति लाने के उद्देश्य से नई शिक्षा नीति को लाया गया आज शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा भी जोड़ा गया जिससे उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें विकसित भारत के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान हो। शिक्षिका अनुपम बिरला ने कहा कि जो युवा स्केल डेवलपमेंट में ध्यान देते हैं वह आगे बढ़ते हैं शिक्षा में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यवहारिक ज्ञान आवश्यक है अपने अंदर छिपी हुई प्रतिभा को निखारना है तभी हम अपनी शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ रोजगार बना सकते हैं हर जनपद नवाचार के इन्नोवेशन सेंटर बनाया जाए।
अंशुल दुबे ने कहा कि देश का मुख्य व्यवसाय कृषि आधारित है पहले देश कृषि विज्ञान शिक्षा में था यदि किसानों की आय बढ़ाने हेतु कृषि की शिक्षा में बढ़ावा दिया जाए महिलाओं को पाक शिक्षा की आवश्यकता है शिक्षा स्तर ऐसा हो कि शिक्षक विदेश में भी शिक्षक बनकर काम करें। छात्रा आयुषी अवस्थी ने कहा कि स्मार्ट क्लास ,डिजिटल लाइब्रेरी, कोचिंग की सुविधा, स्मार्ट बोर्ड ,आत्मरक्षा के गुण ,साइबर स्मार्ट सिटी बेस शिक्षा उससे संबंधित शिक्षा द्वारा व्यवहारिक ज्ञान दिया जाए। कंप्यूटर शिक्षा पर जोर दिया जाए। छात्र अमित कुमार ने कहा कि शिक्षा के स्तर का सुदृणीकरण तभी संभव है जब प्राथमिक स्तर पर तथ्य व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए शिक्षा पर लगा कर हटाया जाए, अंग्रेजी के साथ विदेशी भाषा की भी शिक्षा दी जाए। छात्रा दिव्यांशी ने भ्रष्टाचार पर रोक, न्याय व्यवस्था में सुधार और समयबद्धता सुनिश्चित, यातायात व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। छात्र सुदीप चौहान ने शिक्षा के व्यवसायीकरण पर रोक लगाई जाए उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों के लिए लगाई जा रही अनुचित शुल्क पर रोक लगाई जाए, एआई जीटीपी जैसे विषय पर ध्यान देने की आवश्यकता है और उसकी शिक्षा में कुछ प्रोत्साहन दिया जाए।
उक्त के पश्चात कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में कृषि वैज्ञानिकों/ विशेषज्ञों प्रगतिशील किसानों , गणमान्य नागरिकों के साथ उत्तर प्रदेश को समर्थ बनाने हेतु कार्याशाला का आयोजन किया किया गया। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यह मौका आप लोगों को दिया गया है जिससे आप अपने जनपद के साथ-साथ प्रदेश और देश को विकसित करने में अपने सुझावों के माध्यम से योगदान कर सकते है। अतः अपने विचारों/सुझावों को अपने परिवारीजनों, इष्टमित्रों के साथ विचार विमर्श करते हुए अधिक से अधिक संख्या में अपने सुझाव/विचार प्रेषित करें जिससे नीतियों/नियमों में उनका समावेश करते हुए जनपद व प्रदेश को विकास की राह पर आगे ले जाया सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त आईएएस राकेश कुमार मिश्रा द्वितीय ने कहा कि विजन 2047 हमारे लिए एक संकल्प है। एक ऐसा संकल्प कि हम उत्तर प्रदेश को न केवल भारत का सबसे सशक्त और समृद्ध राज्य बनाएंगे, बल्कि दुनिया के सामने विकास संस्कृति और मानवीय मूल्यों का आदर्श भी पेश करेगें। हम वो प्रदेश बनाएंगें जो न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में अपने विकास , अपनी तकनीकी ताकत, अपने उद्योग अैर अपनी अद्वितीय संस्कृति के लिए जाना जायेगा। जहां विकास की गंगा और परंपरा की यमुना साथ-साथ बहेंगी। आइए हाथ से हाथ मन से मन और कदम से कदम मिलाकर हम सब इस महान यात्रा का शुभारम्भ करने के साथ-साथ अपने विचारों और संकल्पों को फोल्डर में दिये क्यूआर कोड को स्कैन कर अथवा ईमेल के माध्यम से अवश्य प्रेषित करें।
कार्यक्रम के दौरान प्रो0 उमेश दुबे ने कृषि के क्षेत्र में सुझाव देते हुए कहा कि किसानों को उनकी भूमि का परीक्षण कराने हेतु प्रयोगशालाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये जिससे किसान रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक उर्वरकों का प्रयोग कर अधिक उपज ले सके साथ ही उन्होने यह भी सुझाव दिया कि कृषि शिक्षा को आगे बढाने के लिए विद्यालयों की भी स्थापना की जाये। डा0 धर्मेन्द्र ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों को खेती के अतिरिक्त बागवानी, शाकभाजी तथा फूलों आदि की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाये इसके लिए तहसील/ब्लाक स्तर पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कलस्टर बनाकर खेती करायी जाये तथा उन स्थानों का इच्छुक किसानों को भ्रमण कराते हुए उनकी विधि, लाभ आदि की विस्तार से स्थलीय जानकारी दी जाये। छात्र गोपाल यादव ने कहा कि शासन द्वारा पशुधन को प्रोत्साहित करने के लिए योजना बनाई जाये साथ ही उन्हें कृत्रिम गर्भाधान अच्छी नस्ल के दुधरू पशुओं की जानकारी दी जाये तथा उत्पादन आदि को बढाने के लिए रिसर्च पर भी जोर दिया जाये। छात्र शिवम यादव ने कहा कि रसायनिक पदार्थों के प्रयोग पर रोक लगाई जाये और जैविक कृषि एवं जैविक खाद का प्रचार प्रसार कराते हुए प्रोत्साहन दिया जाये। किसानों को पारम्परिक खेती की अपेक्षा आधुनिक खेती अपनाने पर बल दिया जाये तथा उत्पादकता बढाने के लिए उन्नत बीजों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाये। किसान नेता विपिन राजपूत ने कहा कि उर्वरक और रसायनों के प्रयोग का प्रशिक्षण दिया जाये। फसल बीमा के अन्तर्गत किसानों को दी जाने वाल फसल क्षतिपूर्ति को बढा कर बाजार भाव के अनुसार दिया जाये। फलों एवं शाकभाजी आदि को संरक्षित करने के लिए भण्डारण की व्यवस्था की जाये। नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि खेती के उत्पादों की खरीद और ब्राडिंग की जाये तथा कृषि आधारित उत्पादों के लिए उद्योगों एवं संरक्षण केन्द्रों की स्थापना भी कराई जाये। कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष दिबियापुर, ब्लाक प्रमुख अजीतमल सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी अपने-अपने विचार प्रस्तुत किये।
इस अवसर पर जिलाधिकारी डा0 इन्द्रमणि त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता, नगर पंचायत अध्यक्ष दिबियापुर राघव मिश्रा, ब्लॉक प्रमुख अजीतमल रजनीश पाण्डेय, परियोजना निदेशक डीआरडीए मनीष कुमार मौर्य, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार मौर्य, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रीकांत यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार सहित संबंधित अधिकारी व शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, कृषक आदि उपस्थित रहे।

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Author: aajtak24x7

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