
हाल ही के वर्षों में खासकर रबी और खरीफ फसलों की बुवाई के समय एंन.पी.के…व यूरिया की अनुउपलब्धता ने किसानो को मुश्किल में डाल दिया है उत्तर प्रदेश जैसे राज्ये मे यह समस्या गंभीर रही है बुवाई में देरी यूरिया की कमी के कारण किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पाता है जिससे बुवाई और फसलों की देखभाल में देरी होती है यह फसलों की पैदावार को प्रभावित करता है आर्थिक नुकसान युरिया ना मिलने किसानों को तो यह महंगे दामों पर बाजार से खाद खरीदना पड़ता है या नकली खाद के जाल में फंसने का खतरा रहता है कुल मिलकर यूरिया. व. एंन. पी के.की कमी से किसानों की उत्पादकता आए और मानसिक शांति पर गहरा असर पड़ रहा है इसके समाधान के लिए बेहतर वितरण प्रणाली और जागरूकता की जरूरत है. जिला कृषि अधिकारी फोन उठाना नहीं चाहते किसान बेचारे भूखे प्यास एक कट्टे के लिए सुबह को आते हैं शाम को जाते हैं . आखिर किसान क्यों हो रहे हैं परेशान. लाचार बेबस नजर आता है हर वक्त किसान….. सवाददांता….. मुशीर खान उत्तर प्रदेश. आज तक 24×7.



