*घने जंगलों के मध्य पहाड़ी पर विराजित है बड़वाह शहर की जयंती माता प्रतिदिन पहुंच रहे हैं सैकड़ो माता रानी के उपासक

*घने जंगलों के मध्य पहाड़ी पर विराजित है बड़वाह शहर की जयंती माता प्रतिदिन पहुंच रहे हैं सैकड़ो माता रानी के उपास

* मुकेश शुक्ला आज तक 24 * 7 खरगोन जिले के बड़वाह शहर में त प आस्था और उपासना की महादेवी नवरात्र महा उत्सव का आरंभ होते ही संपूर्ण देश प्रदेश में शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण क्षेत्र हर जगह माता रानी के गरबो की गूंज सुनाई देती है ऐसा ही खरगोन जिले के बड़वाह शहर से मात्र 4 किलोमीटर की दूरी पर राणा परिवार की कुलदेवी सिद्ध शक्तिपीठ पर माता जयंती विराजित है घने जंगलों के मध्य चोरल नदी की कल कल बह रही धाराओं के दक्षिण तट पर जयंती माता के सुप्रसिद्ध स्थल को देखने दर्शनों के लिए यहां प्रतिदिन देवी भक्तों का आवागमन बना रहता है राणा परिवार की कुलदेवी ने अभी कुछ महा पूर्व ही शरीर से सिंदूर अपना चोला छोड़ा था जो संपूर्ण क्षेत्र में चर्चा में आकर माता रानी के दर्शनों के लिए पहले से भी अब अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है नवरात्र के पावन पर्व पर तो यहां देवी दर्शन के लिए प्रातः 5:00 बजे से ही आवागमन आरंभ हो जाता है नवरात्रि पर्व को लेकर जहां वन विभाग एवं नगर परिषद बड़वाह सहित संपूर्ण बड़वाह प्रशासन व्यवस्थाओं में तैनात दिखलाई पड़ रहा है घने जंगल के मध्य विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वतों के मध्य विराजित माता जयंती के दर्शनों के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं अनेक श्रद्धालुओं का कहना है कि माता की मन्नत से जहां उनके परिवार में संतान की प्राप्ति हुई है तो अनेक महिलाओं ने बतलाया कि कन्याओं की विवाह की मन्नतें भी यहां पर शीघ्र पूरी होती है आस्था विश्वास और श्रद्धा का यहां पर अद्भुत मिलन दिखाई पड़ता है घने जंगलों के मध्य स्थापित देवी दर्शन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है

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Author: aajtak24x7

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