Skip to main content

Aaj Tak24x7

राममंदिर रामलीला मंच पर सीता स्वयंवर में शिव धनुष टूटते ही गूंजा जय श्रीराम

लोकेशन/ सोनभद्र उत्तर प्रदेश
रिपोर्ट/ कन्हैयालाल केशरी

राममंदिर रामलीला मंच पर सीता स्वयंवर में शिव धनुष टूटते ही गूंजा जय श्रीरा

ओबरा सोनभद्र। राम मंदिर स्थित श्रीरामलीला समिति के मंचन में गुरुवार को सीता स्वयंवर में गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से श्रीराम भगवान शिव का धनुष तोड़ देते हैं। धनुष टूटते ही भगवान श्रीराम के जयघोष गूंजने लगे। इसके बाद भगवान परशुराम और लक्ष्मण के बीच संवाद से दर्शक रोमांचित हो उठे। सीता स्वयंवर में भाग लेने के लिए 10 हजार राजा और राजकुमार आए हैं। स्वयंवर में लंकापति रावण और बाणासुर भी पहुंचते हैं। राजा जनक और रानी सुनयना की शर्त के अनुसार सभी राजा शिव धनुष उठाने का प्रयास करते हैं, लेकिन असफल हो जाते हैं। इससे क्रोधित राजा जनक कहते हैं कि क्या इस धरती पर कोई ऐसा वीर नहीं है, जिससे वह अपनी पुत्री का विवाह कर सकें। यह बात सुनकर लक्ष्मणजी क्रोध में अपना धनुष पटक देते हैं। वह श्रीराम से कहते हैं कि यदि उनकी आज्ञा हो तो वह धनुष को वह कमल की डंडी के समान तोड़कर फेंक दें। तब गुरु विश्वामित्र अयोध्या के राजकुमार रामचंद्र को आदेश देते हैं कि वह जाकर धनुष तोड़ दें। रामचंद्र जी जैसे ही धनुष उठाते हैं वह टूट जाता है। शिव धनुष के टूटते ही देवी-देवता पुष्पवर्षा करते हैं। माता सीता और श्रीराम का विवाह होता है। धनुष के टूटने की टंकार सुनकर भगवान परशुराम विचलित हो उठते हैं और स्वयंवर में पहुंचते हैं। शिव जी के टूटे धनुष को देखकर वह क्रोध करते हैं। इस पर लक्ष्मण भी क्रोधित हो उठते हैं और दोनों के बीच तीखा संवाद होता है। लक्ष्मण जी अपने आत्मविश्वास और वीरता का परिचय देते हुए कहते हैं कि हम कोई छुई-मुई के फूल नहीं हैं, जो किसी की ऊँगली दिखाने से डर जाएँ। वे कहते हैं, हम अवश्य बालक हैं, लेकिन फरसे और धनुष-बाण हमने भी कम नहीं देखे हैं, इसलिए हमें नासमझ या डरपोक न समझा जाए। परशुराम जी के अपशब्दों और आक्रोशित वचनों को सुनकर विश्वामित्र जी भी उनकी बुद्धि पर तरस खाते हैं। परशुराम जी बार-बार कहते हैं कि वह लक्ष्मण को पलभर में मार देंगे, लेकिन विश्वामित्र जी उनके क्रोध और अज्ञानता को देखकर हृदय में मुस्कराते हैं। विश्वामित्र जी परशुराम के शब्दों को सुनकर मन ही मन मुस्कराते हुए सोचते हैं, यह गधि-पुत्र को चारों ओर केवल हरा ही हरा दिखाई दे रहा है, लेकिन जिन्हें वह गन्ने की खाँड़ समझ रहे हैं, वे तो दरअसल लोहे से बनी तलवार की तरह हैं। विश्वामित्र जी यह समझते हैं कि इस समय परशुराम की स्थिति सावन के अंधे की तरह हो गई है, यानी उन्हें क्रोध और अहंकार ने अंधा कर दिया है, और इसलिए उन्हें सही रास्ता या समझ नहीं दिखाई दे रही। वे जो समझ रहे हैं वह वास्तविकता से बहुत दूर है। अंततः भगवान राम के सरल स्वभाव से प्रभावित होकर परशुराम शांत हो जाते है। इस दौरान समिति के अध्यक्ष एसके चौबे, कार्यवाहक अध्यक्ष आशीष तिवारी, सचिव सुशील सिंह, अनवेश अग्रवाल, नीलकांत तिवारी, गिरिश नारायण सिंह, नीलेश मिश्रा, सुनील अग्रवाल, रामदेव मौर्य, ज्ञान शंकर शुक्ला, सुनीत खत्री, दिनेश सिंह मुंडी, छोटेलाल मिश्रा, अरविन्द सोनी, सभासद अमित गुप्ता, समीर माली, अभिषेक सेठ, अनीश सेठ, तरन गोयल, कुमार सौरभ सिंह, रंजीत सिंह, कैलाश नाथ एक्स प्रेम सागर, राजु चौधरी इत्यादि लोग मौजूद रहे।

aajtak24x7
Author: aajtak24x7

यह भी पढ़ें

शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय बस्ती अनूपपुर में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत विद्यालय परिवार एवं छात्राओं ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों को शिक्षा और साक्षरता के प्रति जागरूक किया। रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज में प्रत्येक व्यक्ति को पढ़ने-लिखने योग्य बनाने का संदेश दिया। साथ ही आसपास के असाक्षर व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें अक्षर साथियों के माध्यम से साक्षर बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में संस्था प्रधान के निर्देशन में साक्षरता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। अजय कुमार प्रसाद ने विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के इतिहास, उद्देश्य एवं महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखना नहीं, बल्कि व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने का माध्यम है। सविता प्रजापति, विद्या राठौड़ एवं विकासखंड जैतहरी के बीएससी गंगा दिन राठौर ने भी साक्षरता अभियान की जानकारी साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों से असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में संस्था प्रधान ने सभी अतिथियों, नागरिकों एवं विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया। रिपोर्टर दिनेश केवट अनुपपुर

टॉप स्टोरीज

शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय बस्ती अनूपपुर में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत विद्यालय परिवार एवं छात्राओं ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों को शिक्षा और साक्षरता के प्रति जागरूक किया। रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज में प्रत्येक व्यक्ति को पढ़ने-लिखने योग्य बनाने का संदेश दिया। साथ ही आसपास के असाक्षर व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें अक्षर साथियों के माध्यम से साक्षर बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में संस्था प्रधान के निर्देशन में साक्षरता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। अजय कुमार प्रसाद ने विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के इतिहास, उद्देश्य एवं महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखना नहीं, बल्कि व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने का माध्यम है। सविता प्रजापति, विद्या राठौड़ एवं विकासखंड जैतहरी के बीएससी गंगा दिन राठौर ने भी साक्षरता अभियान की जानकारी साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों से असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में संस्था प्रधान ने सभी अतिथियों, नागरिकों एवं विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया। रिपोर्टर दिनेश केवट अनुपपुर

मौसम का हाल

मौसम डेटा स्रोत: https://weatherlabs.in