। इस अवसर पर यहाँ महिला श्रद्धालुओं द्वारा माता के सामने गरबे किये गये। दो दिवसीय मेले में आसपास व दूर दराज के जिलों से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दूर दराज से आये भक्तों ने माता की पूजा अर्चना कर शीश नमाया। माता के दर्शनों के लिये बहार से आये श्रद्धालु छाया जैन, प्रिया जैन,मुकेश जैन ने कहा कि माता का दरबार अदभुत है पहाड़ पर विराजमान माता के दर्शनों के लिये सेंधवा,महाराष्ट्र और अन्य जगहों से यहां अपनी मन्नत पूर्ण होने पर आते है लेकिन व्यवस्था ओ के कारण परेशान होना पड़ता है। पंडित विशाल चोरे ने बताया कि माता की लीला अपरम्पार है बीते 15 वर्षों से में यहाँ अनुष्ठान करते आ रहा हु प्रसिद्ध स्थल होने के साथ ही माता का अदभुत दरबार है। यहाँ पर सारे देवताओं ने मिलकर यज्ञ किया था उसी बभूति में माता विराजमान हो गईं उन्होंने कहा कि यहाँ पर मार्ग की हालत जर्जर होने के कारण वाहन चालको को परेशान होना पड़ता है मोहनपूरा से करीब तीन किलोमीटर की दूरी तक पहुँचने में कई बार वाहनों की कतार लग जाती है। मंदिर के सदस्य हीरालाल बर्डे ने कहा कि शासन प्रशासन को चाहिए कि धार्मिक स्थलों तक पहुँचने के लिये सुगम मार्ग की व्यवस्था की जानी चाहिए। बारीश के दिनो मे वाहनों के फिसलने का डर रहता है। मेले में एस डी ओ पी भीकनगांव राकेश आर्य टी आईं जितेंद्र बघेल सहित पुलिस प्रशासन तैनात था। देर शाम तक भक्तों माता के दरबार मे भक्तों की भीड़ लगी रही।
बाइट ;– पंडित विशाल चोबे,
छाया जैन, हीरालाल बर्डे,
बिस्टान से राजेश नागर की रिपोर्ट;–



