एम.एम.सी जोन की हार्डकोर सशस्त्र महिला नक्सली ने किया आत्मसमर्पण-पुनर्वास से पुनर्जीवन की ओर एक कदम

लोकेशन बालाघाट

एंकर – माननीय गृहमंत्री भारत सरकार एवं माननीय मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश द्वारा लगातार नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने या कड़ी कार्यवाही के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। बालाघाट में थाना लांजी के चौरिया कैम्प अतर्गत एक हार्डकोर सशस्त्र महिला नक्सली, सुनीता पिता बिसरू जो छत्तीसगढ़ के जिला बीजापुर की रहने वाली है, ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और भारत के संविधान पर विश्वास जताते हुए जिला पुलिस बालाघाट के समक्ष स्वयं आकर आत्मसमर्पण कर दिया है।

वॉयसोवर – जिले में पहली बार किसी सशस्त्र महिला नक्सली ने सरेंडर किया है । सुनीता मलाजखंड दर्रेकसा दलम में एसीएम है, जो इंसास रायफल के साथ सशस्त्र नक्सली संगठन में मध्य प्रदेश, गोंदिया एवं राजनांदगांव डिविजन में सक्रिय थी। उस पर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश में कुल 14 लाख रुपये का इनाम घोषित है। सुनीता पिता बिसरु ओयाम माओवादी संगठन में वर्ष 2022 में जुड़ी थी। छत्तीसगढ़ के माड क्षेत्र में 06 माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उसने सीसी मेंबर रामदेर के गार्ड के रूप में कार्य किया।
उल्लेखनीय है कि पिछले 10 महीनों में मध्य प्रदेश में एक करोड़ छियालिस लाख रुपये के इनामी नक्सलियों को ना केवल निष्क्रिय किया गया है, बल्कि सरकार सॉफ्ट टच एप्रोच के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास के रास्ते भी खोल रही है। अशोक मोटवानी

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Author: aajtak24x7

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