छात्र अथर्व की संदेहास्पद मौत का मामला।

परिजनो की राष्ट्रपति से सीबीआई जांच की मांग के बाद महाराष्ट्र की शिरपुर पुलिस खरगोन पहुंची

मीडिया के सवालों से बचते नजर आए जाॅच अधिकारी हेंमत पाटिल

मीडिया के सवालों का बिना जवाब दिये हुए रवाना।

खरगोन, खरगोन के 20 वर्षीय छात्र अथर्व पुरोहित की 14 सितम्बर को महाराष्ट्र के शिरपुर स्थित एनएमआई एमएस इंजिनियरिंग काॅलेज में संदेहा स्पद मौत के बाद राष्ट्रपति से परिजनो द्वारा सीबीआई से जाॅच कराने की मांग के बाद आज महाराष्ट्र पुलिस खरगोन पहुंची। महाराष्ट्र के शिरपुर थाने के जाॅच अधिकारी निरीक्षक हेंमत पाटिल ने मृतक अथर्व के घर पहुंचकर माॅ के बयान लिये। इस दौरान खरगोन में मीडिया के सवालों से जाॅच अधिकारी पाटिल बचते नजर आए, और पाटिल मीडिया के सवालों का बिना जवाब दिये रवाना हो गये। रविवार को अथर्व के परिजनो ने महाराष्ट्र पुलिस और काॅलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति से सीबीआई जाॅच की मांग लेकर एसडीएम विरेन्द्र कटारे को ज्ञापन दिया था। करीब दो माह हो जाने के बाद पुलिस कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए परिजनो ने पुलिस पर साक्ष्य छूपाने और मर्ग रिपोर्ट, पीएम रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज नही देने, और काॅलेज प्रबंधन को बचाने के गंभीर आरोप लगाये थे। परिजनो का कहना था की सीसीटीवी सहित मोबाईल लैपटॉप में से भी साक्ष्य हटाये गये है। इंजीनियरिंग छात्र अथर्व पुरोहित की संदिग्ध मौत का मामला परिजनों की राष्ट्रपति से सीबी आई जांच की मांग के बाद तूल पकडता जा रहा है। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके और खरगोन बड़वानी लोकसभा क्षेत्र से सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। शिरपुर स्थित नरसी मुंजी इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल के रूम में अथर्व पुरोहित की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के करीब दो माह बीत जाने के बाद भी महाराष्ट्र पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से परिजनों में आक्रोश है। रविवार को परिजनों ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम वीरेन्द्र कटारे को ज्ञापन सौंपकर सीबी आई जांच की गुहार लगाई थी। परिजनों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही और पुलिस की मिली भगत से जांच प्रभावित की जा रही है। मध्य प्रदेश रेडक्रॉस सोसाइटी के पूर्व चेयरमैन आशुतोष पुरोहित, जो मृतक के बडे पापा हैं, ने बताया कि घटना के बाद कॉलेज छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था, लेकिन पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज की और न ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मर्ग कॉपी या अन्य दस्तावेज परिवार को सौंपे। उन्होंने आरोप लगाया कि शिरपुर थाना निरीक्षक किशोर कुमार परदेशी और जांच अधिकारी हेंमत पाटिल आर्थिक दबाव में निष्पक्ष जांच नहीं कर रहे हैं। उन्होंने दोनों को हटाए जाने की मांग भी की। आज सीबीआई जांच की मांग के बाद खरगोन जाॅच अधिकारी हेंमत पाटिल अथर्व की मां के बयान लेने खरगोन पहुंचे थे। अथर्व के पिता अमिय पुरोहित ने बताया कि पुलिस ने अब तक कॉलेज प्रबंधन या हॉस्टल स्टाफ के बयान नहीं लिए। बल्कि साक्ष्य छिपाए जा रहे हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि मौत से पहले हॉस्टल रूम में 10 से 20 मिनट तक कॉलेज स्टाफ मौजूद रहा, साक्ष्य मिटाने के बाद ही पुलिस को सूचना दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के दौरान अथर्व ने मोबाइल से रिकॉर्डिंग की थी, जिसे पुलिस ने दबा दिया है। माता सुनीता पुरोहित ने कहा कि घटना से दो दिन पहले अथर्व बीमार था, लेकिन कॉलेज ने परिवार को कोई सूचना नहीं दी। मेडिकल रिपोर्ट और सुसाइड नोट भी जांच से गायब कर दिए गए हैं। परिजनों ने कॉलेज के मेंटर नितिन चौबे, विभागाध्यक्ष और हॉस्टल डायरेक्टर कमला रावत पर लगातार प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। परिवार ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से हस्तक्षेप कर सीबीआई जांच के आदेश देने की मांग की है, ताकि अथर्व की संदिग्ध मौत की सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। खरगोन से खरगोन से अंजू त्रिवेदी की रिपोर्ट

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Author: aajtak24x7

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