- सरदार बल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस पर दिनांक 16 नवंबर को हसनपुर में आयोजित होने वाली पदयात्रा को सफल बनाने के लिए जन संपर्क कर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील करते हु
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विधान सभा संयोजक कृष्ण कुमार शर्मा ने क्षेत्र के भदौरा, बेगपुर मुंडा, ढ़क्का,अंधेरपुरी, दाउदपुर आदि ग्रामों में कार्यकर्ताओं से मिलकर कल दिनांक 16 नवंबर को हसनपुर ब्लाक परिसर से शुरू होकर मुख्य बाजार , रहरा अड्डा, तीसरा मिल से होकर हथियाखेड़ा के छत्तर सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज तक आयोजित होने वाली पदयात्रा के अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारत की स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और स्वतंत्रता के बाद भारत को एकजुट करने में “लौह पुरुष” के रूप में अहम योगदान दिया। उन्होंने 565 रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत किया, बारदोली सत्याग्रह का नेतृत्व किया, और भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में काम किया।
• नेतृत्व और एकता को बढ़ावा देते हुए उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विभिन्न आंदोलनों में नेतृत्व किया और विभिन्न समुदायों के बीच एकता को बढ़ावा दिया।
1928 में बारदोली सत्याग्रह का नेतृत्व करने के लिए उन्हें बारदोली की महिला किसानों ने ‘सरदार’ की उपाधि दी थी।
1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक के रूप में उभरे।
स्वतंत्रता के बाद
स्वतंत्रता के बाद, उन्होंने 565 रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत करने का अत्यंत महत्वपूर्ण और जटिल कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया।
उन्होंने रियासतों के एकीकरण के लिए कूटनीति और दृढ़ संकल्प का उपयोग किया, जिससे यह प्रक्रिया रक्तहीन और शांतिपूर्ण रही। जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी जटिल रियासतों को भी उन्होंने भारत में मिलाया।
उनके प्रयासों ने भारत के राजनीतिक एकीकरण, प्रशासनिक सुधारों और राष्ट्र-निर्माण की नींव रखी, जिससे भारत की एकता और शासन को मजबूती मिली।
- इस अवसर पर डा रुमाल सिंह, नईम चौधरी, मो आजम, राकेश सिंह,अमीचंद सिंह, नरेंद्र सिंह, सुभाष सिंह, चरण सिंह, जगवीर सिंह आदि मौजूद रहे।… सवाददाता. मुशीर खान. अमरोहा. उत्तर प्रदेश



