जैन समाज में हर्ष की लहर
सांसद नवीन जैन के प्रयासो से रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस का नाम परिवर्तन कर रखा गया मूकमाटी एक्सप्रेस
गोलाकोटा में मुनि श्री के सांदिध्य में आईजा करेगी सांसद श्री जैन का सम्मान
सिरोंज। राज्यसभा सांसद नवीन जैन के सतत व प्रभावी प्रयासो से परिणाम स्वरूप रायपुर-जबलपुर के बीच चलने वाली ट्रेन रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस का नाम बदलकर अब मूकमाटी एक्सप्रेस कर दिया गया है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड व मंत्रालय ने आदेश जारी किया है। जैसे ही इसकी जानकारी जैन समाज को हुई कि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी की स्मृति को चिरस्थायी बनाए करने के लिए उनके द्वारा लिखी गई पुस्तक मूकमाटी के नाम पर ट्रेन का नाम रखा गया है। वही इस घोषणा के बाद देश भर में जैन समाज में हर्ष व्याप्त है। जो प्रयास सांसद नवीन जैन द्वारा किया गया है इसके लिए गोलाकोट में विराजमान राष्ट्रीय संत मुनि श्री सुधा सागर महाराज के सांदिध्य में सांसद नवीन जैन का ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन आईजा द्वारा उनका सम्मान किया जाएगा। आईजा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट राजीव जैन सैनानी ने बताया कि मुनि श्री सांदिध्य में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया के अलावा देश के अन्य पत्रकार भी शामिल होगें।
देश के विभिन्न राज्यो से उठी थी मांग – रेलवे बोर्ड के आदेश संख्या 2026/सीएचजी/36/01 के तहत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे एसईसीआर बिलासपुर एवं पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर को नाम परिवर्तन सुनिश्चित करने और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि सांसद नवीन जैन ने 1 अक्टूबर 2025 को रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से भेंट कर एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा था। इसमें उन्होंने राष्ट्र संत पूज्य 108 आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने हेतु उक्त ट्रेन का नाम ‘मूकमाटी’ रखने की मांग रखी थी। यह मांग देश के विभिन्न राज्यों से उठी जनभावनाओं से जुड़ी थी, जिसे अंततः रेलवे मंत्रालय ने स्वीकार किया। इस निर्णय से जैन समाज सहित श्रद्धालुओं में हर्ष और संतोष का वातावरण है। सांसद नवीन जैन के इस प्रयास को व्यापक सराहना मिल रही है। समाज की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया गया है।
नवीन जैन बोले मुनि श्री सुधा सागर महाराज का आर्शीवाद लूंगा – आईजा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट राजीव जैन सैनानी ने सांसद नवीन जैन से जब चर्चा की तो उन्होने कहा कि यह तो मेरा कर्तव्य था। मुझे आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी का आर्शीवाद हमेशा मिलता रहा है। उनके स्मृति को चिरस्थायी रखने के लिए कई कार्यक्रम के आयोजन एंव कई ऐसी चीजो के नामकरण के प्रयास मेरे द्वारा किए जा रहे है। जिससे कि में अपने द्वारा किए जा रहे प्रयासो को शीघ्र पूरा करूंगा। ट्रेन का नाम जो मूकमाटी रखा गया है उसके लिए में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव का आभार व्यक्त करता हूं। साथ ही इन सभी कार्यो को करने की जो मुझे ऊर्जा मिली व ऊर्जा मेरे गुरूवर मुनि श्री सुधा सागर महाराज के आर्शीवाद से प्राप्त हुई है। मुझे आईजा द्वारा कार्यक्रम में गोलाकोट में आमत्रिंत किया गया है यह मेरा सौभाग्य है कि मुनि श्री दर्शन लाभ व उनका सांनिध्य व आर्शीवाद मुझे प्राप्त होगा।
मुनि द्वारा लिखी गई पुस्तक के नाम पर रखा गया ट्रेन का नाम – 22 साल की उम्र में संन्यास लेकर दुनिया को सत्य-अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की एक झलक पाने सैकड़ों लोग मीलों पैदल दौड़ पड़ते हैं। उनके प्रवचनों में धार्मिक व्याख्यान कम और ऐसे सूत्र ज्यादा होते हैं जो किसी भी व्यक्ति के जीवन को सफल बना सकते हैं। वे अकेले ऐसे संत है जिनके जीवित रहते हुए उन पर अब तक 55 पीएचडी हो चुकी हैं। ये है उनका जीवन वृत्त हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, बांग्ला, कन्नड़, मराठी आदि भाषाओं के जानकार विद्यासागरजी का बचपन भी आम बच्चों की तरह बीता। गिल्ली-डंडा, शतरंज आदि खेलना, चित्रकारी आदि का इन्हें भी बहुत शौक रहा। लेकिन जैसे-जैसे बड़े हुए आचार्यश्री का आध्यात्म की ओर रुझान बढ़ता गया। आचार्यश्री का बाल्यकाल का नाम विद्याधर था। कर्नाटक, बेलगांव के ग्राम सदलगा में 10 अक्टूबर 1946 को जन्मे आचार्यश्री ने कन्नड़ के माध्यम से हाई स्कूल तक शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद वे वैराग्य की दिशा में आगे बढ़े और 30 जून 1968 को मुनि दीक्षा ली। आचार्य का पद उन्हें 22 नवंबर 1972 को मिला। वही उनके द्वारा लिखी गई पुस्तक मूकमाटी पर ही आज रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस का नाम मूकमाटी रखा गया।
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